Encroachment Action: टप्पल में यमुना प्राधिकरण का बड़ा अभियान, 30 हेक्टेयर सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त
नोएडा। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी YEIDA ने गुरुवार को अलीगढ़ जिले के टप्पल क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 30 हेक्टेयर यानी लगभग 3 लाख वर्ग मीटर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराई गई जमीन की कीमत अरबों रुपये बताई जा रही है।
प्राधिकरण के मुताबिक टप्पल क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण से संबंधित शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। इसके बाद चिह्नित क्षेत्र में प्रवर्तन कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान मौके पर मौजूद अवैध निर्माणों को हटाया गया और जमीन को दोबारा प्राधिकरण के नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कार्रवाई के दौरान किसी तरह की बाधा से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। राजस्व विभाग, प्राधिकरण और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से अभियान में हिस्सा लिया। टीमों ने मौके पर जमीन की स्थिति का निरीक्षण किया और चिह्नित सरकारी भूमि से अनधिकृत कब्जे हटाए।
यमुना प्राधिकरण का कहना है कि उसके अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण, कब्जा या अनधिकृत विकास की अनुमति नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी और प्राधिकरण की जमीन की सुरक्षा के लिए प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को चेतावनी दी है कि अधिसूचित क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। टप्पल और आसपास के क्षेत्रों में भूमि उपयोग तथा निर्माण गतिविधियों की निगरानी जारी रखने की बात भी कही गई है।
यह अभियान यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार और शैलेंद्र सिंह के निर्देशन में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाया गया। अभियान में भूलेख और प्रोजेक्ट विभाग की टीमों के साथ प्रशासनिक व राजस्व अधिकारियों ने भी भाग लिया।
मौके पर विशेष कार्याधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह, शिव अवतार सिंह, उप जिलाधिकारी हरी प्रताप सिंह, अभिषेक शाही, कृष्ण गोपाल त्रिपाठी और तहसीलदार मनोज कुमार सिंह समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में चिह्नित क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाए गए और जमीन को प्राधिकरण के नियंत्रण में लिया गया।
प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक, आवासीय और अन्य विकास योजनाओं के लिए भूमि का नियोजित इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण को विकास योजनाओं के लिए बाधा माना जाता है। प्राधिकरण का कहना है कि इसी कारण संवेदनशील क्षेत्रों में समय-समय पर प्रवर्तन कार्रवाई की जाती है।
टप्पल में हुई यह कार्रवाई इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताई गई है। करीब 30 हेक्टेयर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद प्राधिकरण की निगरानी दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों में भी बढ़ाने की तैयारी है। अधिकारियों ने कहा है कि जहां भी सरकारी या प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाएगा, वहां नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्राधिकरण ने करीब 30 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त कराने के बाद अभियान जारी रखने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार सरकारी भूमि की सुरक्षा और क्षेत्र में नियोजित विकास को बनाए रखने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


