Child PGI Noida: चाइल्ड पीजीआई में बढ़ेंगे 10 वेंटिलेटर बेड, गंभीर बाल मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
नोएडा। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को वेंटिलेटर की सुविधा के लिए दिल्ली के बड़े अस्पतालों या महंगे निजी अस्पतालों का रुख करने की मजबूरी कम हो सकती है। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई ने एनआईसीयू में 10 अतिरिक्त वेंटिलेटर युक्त बेड बढ़ाने की योजना तैयार की है। प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद संस्थान में वेंटिलेटर बेड की कुल संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
चाइल्ड पीजीआई में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से भी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए पहुंचते हैं। कई बार वेंटिलेटर बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों के परिजनों को बच्चों को दिल्ली के हायर सेंटर या निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। इससे परिवारों को परेशानी के साथ इलाज पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है।
वर्तमान में एनआईसीयू में जगह की कमी के कारण 10 वेंटिलेटर बेड संचालित किए जा रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रबंधन ने क्षमता दोगुनी करने की तैयारी की है। इसके लिए एनआईसीयू के आसपास उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने की योजना बनाई गई है।
प्रबंधन ने एनआईसीयू के बराबर में स्थित ब्लड बैंक को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के अनुसार पहले तल पर मौजूद नेत्र रोग विभाग को भूतल पर स्थानांतरित किया जाएगा और खाली होने वाली जगह पर ब्लड बैंक को शिफ्ट किया जाएगा। इससे एनआईसीयू के विस्तार के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकेगी।
चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रो. डॉ. अरुण कुमार सिंह के मुताबिक नेत्र रोग विभाग और ब्लड बैंक में मौजूद आधुनिक एवं संवेदनशील मशीनों को स्थानांतरित करने से पहले विशेषज्ञ टीम निरीक्षण करेगी। दिल्ली और प्रदेश स्तर की टीम से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद उपकरणों को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।
स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनआईसीयू में 10 नए वेंटिलेटर युक्त बेड तैयार करने का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए संस्थान में कुल 20 वेंटिलेटर बेड उपलब्ध होंगे।
वेंटिलेटर बेड की संख्या बढ़ाने के साथ चिकित्सकों और अन्य आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति की भी योजना है। प्रबंधन ने बुनियादी ढांचे, चिकित्सा उपकरणों और मानव संसाधन समेत सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्रस्ताव में शामिल कर शासन से मंजूरी मांगी है।
संस्थान की इमारत के रखरखाव और सुधार पर भी काम किया जा रहा है। पीजीआई की बिल्डिंग मेंटेनेंस के लिए शासन से 27 करोड़ रुपये का बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है। प्रबंधन ने अब मेंटेनेंस कार्यों में तेजी लाने के लिए दूसरी किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये जारी करने की मांग करते हुए शासन को पत्र भेजा है।
योजना को मंजूरी मिलने और नए वेंटिलेटर बेड शुरू होने से नोएडा के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों से आने वाले गंभीर बाल मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से ऐसे मरीज जिन्हें तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता होती है, उनके लिए संस्थान की उपचार क्षमता दोगुनी हो जाएगी।


