
Bijwasan Toll Issue: नकद रिचार्ज नियम से ग्रामीण परेशान, ऑनलाइन सुविधा की मांग तेज
नई दिल्ली के द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित बिजवासन टोल प्लाजा पर रियायती टोल टैक्स पास का नियम अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। हर महीने की एक से दस तारीख के बीच पास रिचार्ज कराने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे दो से तीन घंटे तक लंबा जाम लग जाता है और लोगों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है।
दरअसल, National Highways Authority of India द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले लोगों को ₹340 का मासिक रियायती पास जारी किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को सुगम और किफायती आवाजाही की सुविधा देना है। लेकिन डिजिटल भुगतान के इस दौर में भी इस पास को हर महीने नकद राशि से ही टोल प्लाजा पर जाकर रिचार्ज कराना अनिवार्य है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के कई विकल्प मौजूद होने के बावजूद उन्हें मजबूरी में टोल प्लाजा पर पहुंचकर लंबी लाइन में लगना पड़ता है। उनका आरोप है कि एनएचएआई की वेबसाइट से रिचार्ज की सुविधा तो है, लेकिन वह अक्सर काम नहीं करती। इसके चलते लोग घंटों तक अपनी गाड़ियों के साथ खड़े रहते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है और समय की भारी बर्बादी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक तारीख को पास रिचार्ज नहीं हो पाता तो उन्हें प्रतिदिन ₹240 का टोल टैक्स देना पड़ता है, जो आर्थिक रूप से भारी पड़ता है। इससे नौकरीपेशा और दैनिक कामकाज करने वाले लोगों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।
बिजवासन टोल प्लाजा दिल्ली और गुरुग्राम के बीच एक प्रमुख मार्ग पर स्थित है, जो द्वारका और गुरुग्राम को सीधे जोड़ता है। 9 नवंबर 2025 से यहां टोल वसूली शुरू हुई है। स्थानीय निवासियों ने सरकार से मांग की है कि टोल पास को पेटीएम, गूगल पे और अन्य यूपीआई माध्यमों से ऑनलाइन रिचार्ज करने की सुविधा दी जाए, ताकि जाम और अव्यवस्था की समस्या से राहत मिल सके।





