
Kishanganj (मृत्युंजय) : बिहार के किशनगंज जिले की बहादुरगंज विधानसभा सीट से AIMIM विधायक तौसीफ आलम के एक बयान के बाद जिले सहित प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विधायक ने सांसद कंगना रनौत के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विवादित टिप्पणी की है।
मीडिया से बातचीत के दौरान तौसीफ आलम ने कहा कि वह कंगना रनौत की तरह अपनी जुबान खराब नहीं करना चाहते, लेकिन उनका इतिहास सबके सामने है। उन्होंने कहा कि कंगना पहले फिल्मों में अभिनय करती थीं और उन्हें अपने सार्वजनिक जीवन तथा सांसद पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। इसी दौरान विधायक ने कंगना रनौत के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी प्रयोग किया, जिसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
विधायक ने लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल के अधिकार का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना रनौत प्रदर्शनकारियों पर सवाल उठाती हैं, जबकि असहमति जताना और अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है।
तौसीफ आलम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कंगना रनौत को टिकट देकर सांसद बनाया है, इसलिए उन्हें अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए और ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जिससे विवाद की स्थिति बने।
विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी शुरू हो गई है। विभिन्न दलों के नेता और समर्थक इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक कंगना रनौत की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
