बड़ी खबर : उमेश पाल हत्याकांड मामला, हाईकोर्ट ने अतीक के बहनोई, वकील, ड्राइवर और नौकर की जमानत अर्जी खारिज की

Lucknow/Prayagraj : बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया अतीक अहमद के बहनोई डॉ. अखलाक अहमद, वकील विजय मिश्रा, ड्राइवर कैश और नौकर नियाज़ की जमानत अर्जी खारिज कर दी, कोर्ट ने यह फैसला दोनों पक्षों की बहस सुनने और सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद शुक्रवार को सुनाया,
जमानत याचिकाओं पर सुनवाई न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की एकल पीठ कर रही थी। आरोपियों की ओर से दाखिल अपील में दावा किया गया था कि उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है और उनका हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है, हालांकि कोर्ट ने दलीलों को स्वीकार नहीं किया,
डॉ. अखलाक अहमद पर आरोप है कि हत्याकांड में नामजद बमबाज गुड्डू मुस्लिम को घटना के बाद मेरठ स्थित अपने घर पर शरण दी थी, पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार गुड्डू मुस्लिम पांच लाख का इनामी है और हत्याकांड के बाद से फरार है, डॉ. अखलाक की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वह एफआईआर में नामजद नहीं हैं और पेशे से डॉक्टर हैं, लेकिन कोर्ट ने यह तर्क पर्याप्त नहीं माना,
अतीक के वकील विजय मिश्रा पर मुखबिरी और साजिश में शामिल होने का आरोप है, उनकी ओर से कहा गया कि वह सिर्फ पेशेगत कारणों से इस मामले में जुड़े, लेकिन हाईकोर्ट ने दलील को खारिज कर दिया,
इसी तरह ड्राइवर कैश और नियाज़ के अधिवक्ताओं ने भी बेगुनाही की दलील देते हुए कहा कि दोनों का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है और न ही वे घटना के समय अतीक के संपर्क में थे, बावजूद इसके कोर्ट ने सभी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं,
सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और उमेश पाल की पत्नी जया पाल की ओर से अधिवक्ता प्रवीण पांडे ने जमानत का विरोध किया, उनका तर्क था कि आरोपी हत्याकांड की साजिश में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और कई मुख्य आरोपी, जिनमें शाइस्ता परवीन, जैनब फातिमा और गुड्डू मुस्लिम शामिल हैं, अब भी फरार हैं, ऐसे में जमानत मिलने पर ट्रायल प्रभावित हो सकता है,
पृष्ठभूमि
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में बसपा विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के अंतिम गवाह उमेश पाल की गोली-बम हमले में हत्या कर दी गई थी, हमले में उनके दो गनर भी मारे गए थे, पत्नी जया पाल की शिकायत पर अतीक अहमद, भाई अशरफ, बेटों और पत्नी शाइस्ता सहित कई लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था,





