Banjara Ekta Sankalp Yatra: मोदी सरकार तक पहुंचेगी बंजारा समाज की आवाज़, आंध्र प्रदेश से दिल्ली तक निकली 21 दिवसीय ‘बंजारा एकता संकल्प यात्रा’

Banjara Ekta Sankalp Yatra: मोदी सरकार तक पहुंचेगी बंजारा समाज की आवाज़, आंध्र प्रदेश से दिल्ली तक निकली 21 दिवसीय ‘बंजारा एकता संकल्प यात्रा’
नई दिल्ली: देशभर के बंजारा समाज ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम जिले के सेवागढ़ से शुरू हुई 21 दिवसीय ‘बंजारा एकता संकल्प यात्रा’ का समापन दिल्ली में होगा, जहां समाज के प्रतिनिधि केंद्र सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखने की तैयारी कर रहे हैं।
हजारों लोगों की मौजूदगी में प्रथम जगदंबा माता मंदिर और संत श्री सेवालाल महाराज मंदिर से यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा अब केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि बंजारा समाज के अधिकारों, पहचान और विकास से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की मुहिम बन गई है।
इस अभियान का नेतृत्व संत श्री सेवालाल महाराज चैरिटेबल ट्रस्ट के धर्माधिकारी श्री महाराज जी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में देशभर के बंजारा समाज को एक मंच पर लाने और उनकी आवाज़ को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए दिल्ली पहुंचेगी, जहां समाज अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा।
यात्रा के दौरान समाज की प्रमुख मांगों में ‘एक राष्ट्र–एक श्रेणी–समान आरक्षण’, बंजारा भाषा को संवैधानिक मान्यता, राष्ट्रीय बंजारा सांस्कृतिक संस्थान की स्थापना, बंजारा विकास निगम का गठन, राष्ट्रीय स्तर पर बंजारा समाज की जनगणना तथा बंजारा टांडों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग शामिल हैं।

यात्रा के शुभारंभ अवसर पर श्री महाराज जी ने कहा कि यह किसी एक राज्य की नहीं, बल्कि पूरे देश के करोड़ों बंजारा समाज की आवाज़ है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और एकता के साथ आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि बंजारा समाज की पहचान और अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर उचित स्थान मिले।
कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्यकुमार यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने बंजारा समाज की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता ही किसी भी समाज के समग्र विकास की आधारशिला है।
अब इस 21 दिवसीय यात्रा के दिल्ली पहुंचने पर सभी की निगाहें केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर रहेंगी। यात्रा के समापन के दौरान समाज अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखेगा और उनके समाधान की उम्मीद जताएगा।





