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Kanpur Dehat DM: जनता के बीच भरोसे की नई पहचान बने जिलाधिकारी कपिल सिंह, सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल

Kanpur Dehat DM: जनता के बीच भरोसे की नई पहचान बने जिलाधिकारी कपिल सिंह, सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल

कानपुर देहात। किसी भी जिले के विकास और प्रशासन की सफलता इस बात से आंकी जाती है कि आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक कितनी सहजता से पहुंच पाता है और उसे समय पर न्याय एवं राहत मिलती है या नहीं। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में पिछले कुछ समय से प्रशासनिक व्यवस्था में जो सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, उनमें जिलाधिकारी कपिल सिंह की कार्यशैली प्रमुख रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। जनसुनवाई को प्रभावी बनाना, अधिकारियों को जवाबदेह रखना, गांव-गांव जाकर योजनाओं की निगरानी करना और विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा करना उनकी प्रशासनिक कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं मानी जा रही हैं।

वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी कपिल सिंह ने जिले की जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रशासन को जनता के अधिक करीब लाने का प्रयास किया है। उनकी प्राथमिकता रही है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी शिकायत के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसी सोच के साथ उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष जोर दिया है। इसका असर यह देखने को मिल रहा है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले फरियादियों में प्रशासन के प्रति विश्वास पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुआ है।

माती स्थित कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाली जनसुनवाई को जिलाधिकारी कपिल सिंह ने केवल एक औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहने दिया। वे स्वयं लोगों की शिकायतें सुनते हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देकर समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रयास करते हैं। शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा भी की जाती है ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। यही कारण है कि जनसुनवाई अब लोगों के लिए भरोसे का एक प्रभावी मंच बनती जा रही है।

जिलाधिकारी कपिल सिंह की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू उनका फील्ड विजिट भी है। वे केवल कार्यालयों में बैठकर प्रशासनिक कार्यों का संचालन करने के बजाय जिले के विभिन्न क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण करते हैं। स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों, विकास कार्यों, ग्रामीण क्षेत्रों, सड़क निर्माण परियोजनाओं तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का वे स्वयं जाकर निरीक्षण करते हैं। इससे न केवल वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती है बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों में जवाबदेही की भावना भी मजबूत होती है।

जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली जाती है और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। जिलाधिकारी की प्राथमिकता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे इस बात पर विशेष ध्यान देते हैं कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया जाता है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी जिलाधिकारी कपिल सिंह लगातार अधिकारियों को निर्देशित करते रहे हैं। उनका मानना है कि योजनाओं का उद्देश्य केवल फाइलों का निस्तारण नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के साथ विभिन्न विभागों को लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं, ताकि शासन की मंशा धरातल पर पूरी तरह लागू हो सके।

प्रशासनिक अनुशासन के मामले में जिलाधिकारी कपिल सिंह का रुख स्पष्ट माना जाता है। जहां एक ओर वे आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्य के प्रति पूर्ण जिम्मेदारी और पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं। विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए जाते हैं। यही संतुलन उनकी प्रशासनिक कार्यशैली को प्रभावी बनाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं, जिससे लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। पारदर्शी व्यवस्था, जवाबदेह प्रशासन और नियमित निगरानी के कारण जिले में विकास कार्यों की गति को भी नई दिशा मिलती दिखाई दे रही है।

जनसुनवाई को प्रभावी बनाना, फील्ड में सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराना, विभागीय अधिकारियों की नियमित समीक्षा करना, सरकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाना और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना—ये सभी पहलू कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह की कार्यशैली की पहचान बनते जा रहे हैं। संवेदनशीलता और सख्ती के संतुलित दृष्टिकोण के साथ वे प्रशासन को अधिक जनोन्मुख और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। यही कारण है कि जिले में उनकी कार्यशैली को सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है और आम नागरिकों का प्रशासन के प्रति भरोसा लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है।

 

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