अवैध होर्डिंग पर अंकुश लगाने के लिए ग्रेनो को तीन जोन में बांटा

अमर सैनी

नोएडा। शहर में लगे अवैध होर्डिंग, बैनर-पोस्टर पर अंकुश लगाने के लिए ग्रेटर नोएडा को तीन जोन ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल में बांटा गया है। इसके लिए प्राधिकरण ने विशेष टीम गठित की है। हर जोन में एक प्रबंधक की तैनाती की गई है। दिवाली से पहले अभियान चलाकर अवैध यूनिपोल को चिन्हित करने के साथ जगह-जगह लगे पोस्टर और बैनरों को हटाया जाएगा। शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। बता दें कि प्राधिकरण ने बीते माह ही 36 यूनिपोल का आवंटन किया है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा शहरी और प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के प्रचार सामग्री लगाना सख्त मना है। फिर भी जगह-जगह पर अवैध होर्डिंग और पोस्टर-बैनर लगे हुए आसानी से दिख जाते हैं। इससे शहर की सुंदरता कम होने के साथ-साथ प्राधिकरण की कमाई पर भी असर पड़ रहा है। कुछ लोगों ने अवैध रूप से यूनिपोल खड़े कर रखे हैं। इसको देखते हुए प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा को तीन जोन ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल में बांट अवैध होर्डिंग पर अंकुश लगाने की रणनीति तैयार की है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। हर जोन के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं पर भी अवैध होर्डिंग और पोस्टर-बैनर लगे हुए नहीं दिखने चाहिए। प्राधिकरण अधिकारी के मुताबिक तीनों जोन में अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग और पोस्टर-बैनर हटाया जाएगा। शहर को साफ सुथरा बनाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण ने 36 यूनिपोल का आवंटन किया

कंपनियां एक निश्चित स्थान पर अपना विज्ञापन कर सकें,इसके लिए प्राधिकरण ने बीते माह ही 36 यूनिपोल का आवंटन किया है। इससे प्राधिकरण को पांच साल में लगभग 27 करोड़ रुपये मिलेंगे। इनमें से अधिकांश यूनिपोल नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दादरी सूरजपुर छलेरा (डीएससी) रोड, 105 मीटर रोड, 60 मीटर रोड और 80 मीटर रोड पर स्थित हैं। लोकेशन के आधार पर यूनिपोल के लिए 10 जोन बनाए गए हैं। वैध व अवैध यूनिपोल की पहचान के लिए पहली बार क्यूआर कोड की व्यवस्था की गई है। क्यूआर कोड से हर यूनिपोल के लोकेशन का रिकॉर्ड होगा, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। भविष्य में 40 यूनिपोल का और आवंटन किया जाएगा। इसके लिए जगह चिन्हित कर ली गई है।

शहर में अवैध रूप से लगे सभी होर्डिंग और पोस्टर-बैनर हटाए जाएंगे। इसके लिए ग्रेटर नोएडा को तीन जोनों में बांटा गया है। कंपनियां निश्चित स्थान पर ही विज्ञापन कर सकती हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जगह-जगह पर प्रचार सामग्री लगाने से शहर की सुंदरता खराब होने के साथ प्राधिकरण के राजस्व पर भी फर्क पड़ता है।

-प्रेरणा सिंह, एसीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण।

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