Anveshan 2026 Noida: नोएडा में ‘अन्वेषण 2026’ में कैंसर सर्वाइवर्स की देखभाल के लिए तैयार हुआ रोडमैप

Anveshan 2026 Noida: नोएडा में ‘अन्वेषण 2026’ में कैंसर सर्वाइवर्स की देखभाल के लिए तैयार हुआ रोडमैप
नोएडा, 13 फरवरी: Noida स्थित PGI Child Health में शुक्रवार को ‘अन्वेषण 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के हेल्थकेयर विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर सर्वाइवर्स के लिए दीर्घकालिक देखभाल की रूपरेखा तैयार करना और स्वास्थ्य तंत्र में सर्वाइवरशिप सेवाओं को मजबूत करना था।
यह बैठक Center for Health Innovation and Policy Foundation (चिप फाउंडेशन) और पीजीआई चाइल्ड हेल्थ के संयुक्त प्रयास से आयोजित की गई। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कैंसर उपचार के बाद मरीजों को आने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि कैंसर से उबरने के बाद भी मरीजों को नियमित निगरानी, मनोसामाजिक समर्थन, पुनर्वास और जीवनशैली परामर्श की आवश्यकता होती है, जिसे स्वास्थ्य व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने Ministry of Health and Family Welfare के तहत संचालित National Programme for Prevention and Control of Non-Communicable Diseases (NP-NCD) में सर्वाइवरशिप सेवाओं को समाहित करने की संभावनाओं पर जोर दिया। उनका कहना था कि यदि मौजूदा राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ कैंसर सर्वाइवर्स की दीर्घकालिक देखभाल को जोड़ा जाए, तो लाखों मरीजों को व्यवस्थित और सुलभ सेवाएं मिल सकती हैं।
बैठक में कैपेसिटी बिल्डिंग, मल्टीडिसिप्लिनरी केयर मॉडल और लॉन्ग-टर्म फॉलो-अप सिस्टम को लेकर सहमति बनी। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि ऑन्कोलॉजिस्ट, मनोवैज्ञानिक, पोषण विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम बनाकर समग्र देखभाल प्रदान की जाए। साथ ही डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूरदराज क्षेत्रों में भी सेवाएं पहुंचाने की रणनीति पर विचार किया गया।
आयोजकों का मानना है कि ‘अन्वेषण 2026’ जैसे मंच न केवल नीति निर्माण को दिशा देते हैं, बल्कि कैंसर सर्वाइवर्स के लिए दीर्घकालिक और टिकाऊ स्वास्थ्य मॉडल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने एक समन्वित रोडमैप पर सहमति जताई, जिसका उद्देश्य कैंसर से उबर चुके मरीजों को बेहतर जीवन गुणवत्ता और निरंतर चिकित्सीय सहयोग सुनिश्चित करना है।





