
Andhra Pradesh milk adulteration: मानवाधिकार आयोग ने आंध्र प्रदेश में 16 मौतों के मामले का लिया संज्ञान, तलब की विस्तृत रिपोर्ट
नई दिल्ली, 25 मार्च: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में कथित मिलावटी दूध पीने से हुई 16 लोगों की मौत के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना को मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन माना है और राज्य के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में मृतकों की स्वास्थ्य स्थिति, जांच की प्रगति और पीड़ित परिवारों को दिए गए मुआवजे की जानकारी शामिल करने को कहा गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों ने एथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले रसायन मिश्रित दूध पीने के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना किया। इस विषैले पदार्थ के कारण कई पीड़ितों के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मौतें हुईं। वहीं कम से कम चार अन्य लोग अभी भी अस्पताल में इलाजरत हैं। यह मामला लालाचेरुवु, चौदेश्वरनगर और स्वरूपनगर इलाकों का है, जहां फरवरी के मध्य से रहस्यमयी बीमारी ने लोगों को प्रभावित किया।
प्रारंभिक जांच में नरसापुरम गांव स्थित एक डेयरी को संभावित मिलावट के स्रोत के रूप में चिन्हित किया गया है। यह डेयरी आसपास के 100 से अधिक घरों में दूध की आपूर्ति करती थी। प्रभावित लोगों में ज्यादातर बुजुर्ग और छोटे बच्चे हैं। पीड़ितों में पेट दर्द, उल्टी, पेशाब न आना और किडनी फेल होने जैसे गंभीर लक्षण देखे गए।
एनएचआरसी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी ज़रूरी कदम उठाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया है। आयोग ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल स्वास्थ्य संकट हैं बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन भी हैं। आयोग इस मामले पर निरंतर निगरानी रखेगा और आवश्यक होने पर आगे की कार्रवाइयों की सिफारिश करेगा।





