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AI smart vision glasses: एम्स में आज दृष्टिबाधितों को मिलेंगे एआई संचालित स्मार्ट विजन चश्मे

AI smart vision glasses: एम्स में आज दृष्टिबाधितों को मिलेंगे एआई संचालित स्मार्ट विजन चश्मे

नई दिल्ली, 16 फरवरी। देश में लगभग एक करोड़ लोग अंधता या गंभीर दृष्टि बाधा से प्रभावित हैं, जिनमें बुजुर्ग और वंचित समुदायों की संख्या अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर इलाज और अपवर्तक त्रुटियों की पहचान से कई मामलों को रोका या ठीक किया जा सकता है, लेकिन स्थायी दृष्टि हानि से जूझ रहे मरीजों के लिए सहायक तकनीक ही बड़ा सहारा बन सकती है।

All India Institute of Medical Sciences, New Delhi के आरपी सेंटर के प्रोफेसर डॉ. प्रवीण वशिष्ठ ने बताया कि करीब 7 प्रतिशत मरीज ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी, आयु-संबंधी मैक्युलर डिजनरेशन और अन्य रेटिना रोगों के कारण स्थायी दृष्टि हानि का सामना कर रहे हैं। ऐसे मरीजों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सहायक उपकरण आत्मनिर्भरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इसी उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट दृष्टि’ के तहत मंगलवार सुबह 11 बजे आरपी सेंटर के लेक्चर थियेटर-6 में एआई संचालित स्मार्ट विजन चश्मों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। यह पहल Rotary Club द्वारा Vision-Aid और SHG Technologies के सहयोग से एम्स दिल्ली के साथ मिलकर आयोजित की जा रही है।

इन स्मार्ट चश्मों में एआई आधारित रियल-टाइम ऑब्जेक्ट पहचान, टेक्स्ट-टू-स्पीच सुविधा, चेहरे की पहचान और नेविगेशन सहायता जैसी उन्नत विशेषताएं मौजूद हैं। इनकी मदद से दृष्टिबाधित व्यक्ति सामने मौजूद वस्तुओं और लोगों की पहचान कर सकेंगे, लिखित सामग्री को सुन सकेंगे और अपरिचित स्थानों पर अधिक सुरक्षित तरीके से चल-फिर सकेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तकनीक शिक्षा, रोजगार और दैनिक जीवन में नई संभावनाएं खोल सकती है। लाभार्थियों को उपकरण के प्रभावी उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे इस तकनीक का अधिकतम लाभ उठा सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ा सकें।

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