उत्तर प्रदेश, लखनऊ: प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं : कृषि मंत्री

उत्तर प्रदेश, लखनऊ, 04 जुलाई : प्रदेश के किसानों को समय से खाद और बीज की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार पूरी तरह से सक्रिय है। प्रदेश के कृषि मंत्री एसपी शाही ने आज प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि जायद की फसलों की बुवाई शुरू हो चुकी है और किसानों को आवश्यकता अनुसार बीज और उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। खरीफ सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की खाद की कमी न हो, इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में अब तक 27 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध हो चुकी है। 10 लाख मीट्रिक टन यूरिया और आपूर्ति की जा रही है, जिससे कुल उपलब्धता 37 लाख मीट्रिक टन तक रहेगी। पिछले वर्ष खरीफ में 32.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई थी, इस बार उससे अधिक स्टॉक मौजूद है।

खाद वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी की शिकायतों पर सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की है। अब तक 26 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और 580 फुटकर विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र में शिकायतें मिलने पर जांच के बाद जिला कृषि अधिकारी बलरामपुर को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही एक अन्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जुलाई में 10 लाख मीट्रिक टन और यूरिया देगा केंद्र
कृषि मंत्री ने बताया कि जुलाई माह में केंद्र सरकार की ओर से 10 लाख मीट्रिक टन यूरिया और भेजा जाएगा। जिससे सितंबर तक सभी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी, एसएसपी सहित सभी प्रमुख उर्वरकों की भरपूर उपलब्धता है।

वितरण के बाद अवशेष उर्वरक
यूरिया : 15 लाख मीट्रिक टन
डीएपी : 2.90 लाख मीट्रिक टन
एनपीके : 2.91 लाख मीट्रिक टन
एमओपी : 0.77 लाख मीट्रिक टन
एसएसपी : 3.14 लाख मीट्रिक टन

खाद उत्पादक कंपनियों के साथ की गई बैठक
प्रदेश में कार्यरत 26 फर्टिलाइजर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई है। जिससे वितरण और आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही या कमी न हो। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि जरूरत के सापेक्ष खाद की कोई कमी नहीं है और सरकार हर स्तर पर सतर्क है। कृषि मंत्री ने बताया कि निजी कंपनियों के रैक पॉइंट से की जाने वाली यूरिया सप्लाई में से 25% वितरण पीसीएफ द्वारा किया जाएगा, जिससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।

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