उत्तर प्रदेश, नोएडा:रेपो रेट में हुई कटौती से जिले में आठ लाख से अधिक लोन धारकों को मिलेगा लाभ

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। रेपो रेट में हुई कटौती का लाभ जिले के आठ लाख से अधिक लोन धारकों को मिलेगा और बजट के बाद हुए इस फैसले ने भी उन्हें एक बड़ी राहत प्रदान की है। इससे उनका ईएमआई का बोझ कम हो जाएगा। इस फैसले को रियल स्टेट सेक्टर के लिए भी लाभकारी माना जा रहा है। रिजर्व बैंक ने पांच साल बाद रेपो रेट में .25 प्रतिशक की कटौती की गई है। रेपो रेट में पांच साल बाद कटौती का फैसला लिया है। रेपो रेट को 6.5% से घटाकर 6.25% करने का एलान किया गया। बजट के बाद यह दूसरी बड़ी राहत लोगों को मिली है। आरबीआई ने करीब 56 महीने के बाद यानी मई 2020 के बाद रेपो रेट में कटौती की है। फरवरी 2023 में रेपो रेट में 0.25 फीसदी का इजाफा किया गया था। इस फैसले ने जिले के आठ लाख से अधिक कर्जदाताओं को राहत दी है। जिले के बैंक के अधिकारियों के अनुसार जिले में आठ लाख से अधिक लोन लोगों ने ले रखे हैं। जिनका ईएमआई का बोझ इस फैसले के बाद कुछ कम हो जाएगा।

रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े लोगों का मानना है कि इस फैसले से हाउसिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी। क्रेडाई के अध्यक्ष और गौर ग्रुप के सीएमडी मनोज गौर ने कहा कि कम ब्याज दर से फ्लैटों की बिक्री बढ़ेगी और नई परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। यह फैसला बजट में की गई घोषणाओं के अनुरूप है और इससे नए प्रोजेक्ट शुरू करने में आसानी होगी. डेवलपर्स अधिक निवेश करेंगे और खरीदारों को बेहतर विकल्प मिलेंगे। किफायती और मध्यम आय वर्ग के लिए यह फैसला बेहद फायदेमंद रहेगा। सरकार किफायती आवास को प्राथमिकता दे रही है, और इस फैसले से इस क्षेत्र में तेजी आएगी।

भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी ने कहा कि इस कटौती से कर्ज लेना आसान होगा और लोग अधिक निवेश करेंगे। इससे नई बुकिंग में इजाफा होगा और रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी. यह फैसला न केवल रियल एस्टेट बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगा।

हवेलिया ग्रुप के चेयरमैन रतन हवेलिया ने कहा कि बजट के बाद आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती आम नागरिकों के लिए ‘सोने पे सुहागा’ का काम करेगी। इसका असर आम आदमी की ईएमआई पर पड़ेगा । बचत में वृद्धि के साथ उपभोक्ताओं को सस्ते ऋण की उपलब्धता घर खरीदने के निर्णय में निश्चय प्रभावित करेगा । इससे रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास को बढ़ाने में निश्चित रूप से सकारात्मकता के साथ प्रभावी होगा।

टैक्स विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ सीए अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि एक लंबे समय के बाद ब्याज दरों में कटौती की गई है। जिससे आम आदमी को होम लोन, पसर्नल लोन की ईएमआई में राहत मिल सकती है। ब्याज दरों में कटौती वजह से सस्ते कर्ज से लोगों पर से ईएमआई का बोझ कम होगा। लेकिन इस कटौती के बाद बैंक अपनी लेडिंग रेट पर किस तरह की कटौती करते हैं यह उन पर निर्भर करेगा। प्रत्येक बैंक पूरी कटौती नहीं देते है, बैंक अपनी वित्तीय स्थिति को देखते हुए अपनी ब्याज दरों को कम करती है, इसे भी ध्यान में रखना होगा।

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