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विधायी कामकाज की बारीकियां सिखाने को माननीयों का होगा ‘प्रबोधन’,विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने विधायकों के लिए बनाई प्रशिक्षण की योजना

विधायी कामकाज की बारीकियां सिखाने को माननीयों का होगा ‘प्रबोधन’
विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने विधायकों के लिए बनाई प्रशिक्षण की योजना
* 14 और 15 फरवरी को चंडीगढ़ में प्राइड की टीम देगी ट्रेनिंग
* लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे मुख्य अतिथि, सीएम सैनी भी रहेंगे मौजूद

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चंडीगढ़, 31 जनवरी

हरियाणा विधान सभा की ओर से प्रदेश के सभी विधायकों के प्रशिक्षण के लिए दो दिवसीय ‘प्रबोधन कार्यक्रम’ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 14 और 15 फरवरी को चंडीगढ़ के सेक्टर 1 स्थित हरियाणा विधान भवन में होगा। हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की अध्यक्षता में होने वाले इस कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि व अनेक राज्यों के विधान सभा अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे।

‘प्रबोधन कार्यक्रम’ में लोक सभा की ओर से संसदीय लोकतंत्र शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की टीम विधायकों को प्रशिक्षण देगी। इस दौरान यह टीम प्रश्नकाल, सदन में चर्चा के तौर तरीके, संसदीय प्रक्रिया व परम्पराओं, समितियों के कामकाज, अध्ययन दौरों के महत्व पर प्रशिक्षण देगी। कार्यक्रम को लेकर विधान सभा सचिवालय की ओर से बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इस सिलसिले में विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अधिकारियों के साथ बैठकें कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि दुनिया जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, उसी रफ्तार से नीतियां भी बनानी पड़ रही हैं। जाहिर है इन सभी नीतियों का समग्रता से अध्ययन करना हर जनप्रतिनिधि के लिए संभव नहीं है। इनके निहित उद्देश्यों को समझना और फिर उनके प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जितनी बड़ी जिम्मेदारी होती है, उतने ही व्यापक प्रशिक्षण और अनुभव की आवश्यकता रहती है। विधायकों का अधिकतर समय जन सामान्य के बीच गुजरता है। अनेक तरह की समस्याओं का अंबार उनके सामने होता है। उन्हें हल करने की जिम्मेदारी उनकी होती है। इस उन्नयन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधायकों को इस ढंग से तैयार करना है, जिससे कि वे अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकें और विधान मंडल की कार्यशैली फलदायी बनी रहे। विधायी कामकाज की अनेक ऐसी बारिकियां हैं, जिन्हें हम सभी को हमेशा ध्यान में रखना होगा।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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