उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद: मानकों का उल्लंघन रोकना बीआईएस की जिम्मेदारीः डीजी

अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद।भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के 78वें स्थापना दिवस पर साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित साइट चार में शनिवार को मानक कार्निवाल हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे महानिदेशक (डीजी) ने कहा कि मानकों का उल्लंघन रोकना बीआईएस की जिम्मेदारी है। इसके लिए निगरानी के साथ जागरुकता भी जरूरी है। पत्रकारों से बातचीत में डीजी ने कहा कि हम फरवरी से फर्नीचर और प्लाईवुड के लिए भी बीआईएस अनिवार्य कर रहे हैं। पहले लाईसेंस दिए जाएंगे और फिर लाइसेंस न लेने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जेवर बनाने में मानकों के उल्लंघन पर उन्होंने कहा कि इसे रोकना बीआईएस की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी शाखाओं को निर्देश दिए हैं। सीमित स्टाफ होने के बावजूद बीते वर्ष डेढ़ लाख से अधिक सैंपल इकट्ठे किए और उनकी जांच कर मानकों का पालन कराया।

पानी के बड़े जार में सबसे ज्यादा उल्लंघन

डेढ़ लाख सैंपलों की जांच रिपोर्ट के सवाल पर वह बोले कि सबसे ज्यादा करीब 16-17 फीसदी उल्लंघन पानी के सैंपलों में देखा गया है। इनमें भी अधिकांश पानी के बड़े जार पांच लीटर या इससे अधिक मात्रा वाली बोतलों में मिला। इन्हें नोटिस जारी कर सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। टायर और सीमेंट के सैंपलों में सबसे कम उल्लंघन मिला है। आयोजन में सीडीओ अभिनव गोपाल, राष्ट्रीय परीक्षण शाला के महानिदेशक आलोक कुमार श्रीवास्तव, बीआईएस गाजियाबाद शाखा के निदेशक कुमार अनिमेष और इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक अजय कुमार मौजूद रहे।

विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया

डीजी प्रमोद कुमार तिवारी ने मानक वीर (कटआउट) और पॉडकास्ट की दो सीरीज का भी विमोचन किया, जिनमें मानकों को लेकर जागरूक किया गया है। गाजियाबाद शाखा के स्टैंडर्ड क्लब के लगभग 1500 बच्चे, आठ इंडस्ट्रीज और आरडब्ल्यूए के अलावा जिला उद्योग केंद्र ने भी स्टॉल लगाए। छात्रों ने नुक्कड़ नाटक, नृत्या और वाद-विवाद प्रतियोगिता के जरिए जीवन सुरक्षा में मानकों की अहमियत बताई। चित्रकला और बैडमिंटन प्रतियोगिता में भी छात्रों ने प्रतिभा दिखाई।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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