Banka Viral Video: नाबालिग लड़की से कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की जांच
बिहार के बांका जिले से नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में वीडियो को मंदार पर्वत इलाके से जोड़ा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि घटना कुछ महीने पुरानी हो सकती है और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान के साथ घटना की वास्तविक तारीख और स्थान की पुष्टि की जा रही है।
वायरल वीडियो में कुछ युवक एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने वीडियो की सत्यता और उसमें मौजूद लोगों से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जानकारी में घटना अप्रैल की बताई जा रही है, लेकिन इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
बांका की घटना से पहले समस्तीपुर में भी नाबालिग लड़की से सड़क पर कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ था। वह मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के बांध बाईपास रोड से जुड़ा बताया गया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी।
समस्तीपुर मामले में पुलिस ने बताया था कि वीडियो कुछ दिन पुराना था और उसकी जानकारी मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले में पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी।
पुलिस के अनुसार समस्तीपुर मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के रूप में बताई गई। जांच एजेंसी घटना के पूरे घटनाक्रम, कथित रूप से शामिल अन्य लोगों और वीडियो बनाए जाने की परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।
समस्तीपुर मामले में पुलिस ने पीड़िता की पहचान की जानकारी मिलने के बाद उसके परिवार से संपर्क करने की बात कही थी। अधिकारियों ने कानूनी प्रावधानों के तहत पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने पर जोर दिया और लोगों से अपील की कि किसी भी माध्यम से उसकी पहचान सार्वजनिक न की जाए।
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री और लोजपा रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
इससे पहले 19 सितंबर को जमुई के मड़वा पहाड़ी इलाके में भी एक छात्रा से कथित बदसलूकी का मामला सामने आया था। बताया गया कि छात्रा अपने सहपाठी के साथ जा रही थी, तभी कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी।
जमुई मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव के कार्रवाई के दौरान घायल होने और हरेराम यादव समेत अन्य आरोपियों तथा तीन नाबालिगों को पकड़े जाने की जानकारी दी थी। इस घटना के बाद भी सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया सामने आई थी।
लगातार वायरल हो रहे ऐसे वीडियो की जांच में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वीडियो से जुड़े लोगों और घटना के वास्तविक संदर्भ की पुष्टि करना है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के साथ कभी-कभी अधूरी या गलत जानकारी भी जुड़ सकती है। इसलिए पुलिस तकनीकी जांच के जरिए वीडियो की सत्यता, समय, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे लोगों के बारे में तथ्य जुटा रही है।
बांका मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है। जांच में वीडियो की सत्यता, संदिग्ध लोगों की पहचान और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।


