Greater Noida Family Deaths: पहले बड़े बेटे की आत्महत्या, अब छोटे बेटे के परिवार की मौत; संपत्ति विवाद की भी जांच

Greater Noida Family Deaths: पहले बड़े बेटे की आत्महत्या, अब छोटे बेटे के परिवार की मौत; संपत्ति विवाद की भी जांच

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्रीगोपाल गांव में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार सुबह सामने आई इस घटना के बाद परिवार के पुराने विवाद और संपत्ति के बंटवारे से जुड़े पहलू भी चर्चा में हैं। बताया गया है कि महेश, उसकी पत्नी और तीनों बच्चे रात में मेला देखकर घर लौटे थे। परिवार ने रात में नूडल्स खाए और चाय पी, जिसके बाद सभी सो गए। सुबह परिवार के सदस्यों के नहीं उठने पर घटना का खुलासा हुआ। मामले की जांच के बीच परिवार के इतिहास से जुड़ी कुछ जानकारियां भी सामने आई हैं, हालांकि मौतों के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

जानकारी के मुताबिक, महेश के पिता किशन लाल मूल रूप से दिल्ली के नरेला क्षेत्र के खेड़ा कलां गांव के रहने वाले थे। उन्होंने वर्ष 2000 से 2005 के बीच अपनी ससुराल नगला पदम में करीब 10 बीघा जमीन खरीदी थी। बताया जाता है कि वर्ष 2009 में परिवार को यमुना प्राधिकरण से जमीन के बदले लगभग 1.25 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। इसके अलावा प्राधिकरण की ओर से मिला सात प्रतिशत आबादी का प्लॉट भी परिवार के पास था। परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, किशन लाल और उनकी पत्नी चंद्रवती ने मुआवजे की रकम और प्लॉट अपनी तीन बेटियों को दे दिए थे। दोनों बेटों को संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।

वर्ष 2023 में किशन लाल की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार की संपत्ति को लेकर विवाद की चर्चा और तेज हुई। जानकारी के अनुसार, चंद्रवती ने दिल्ली स्थित पुश्तैनी मकान भी अपनी दो बेटियों के नाम कर दिया था। इसके बाद 18 अगस्त 2025 को नगला पदम में स्थित करीब 167 वर्ग मीटर का मकान भी एक बेटी को बेच दिया गया। बताया गया है कि इस मकान में महेश अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता था। परिवार की संपत्ति को लेकर हुए इन फैसलों और उनके पारिवारिक संबंधों पर पड़े असर की जानकारी अब इस मामले के संदर्भ में सामने आ रही है।

परिवार के इतिहास में एक और दुखद घटना वर्ष 2019 की है। बताया जाता है कि महेश के बड़े भाई राहुल ने माता-पिता द्वारा संपत्ति बेटियों को दिए जाने का विरोध किया था। परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, वह इस बात से दुखी था और बाद में अवसाद में चला गया। वर्ष 2019 में उसने दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर चोला रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। अब महेश और उसके परिवार की मौत के बाद पुराने पारिवारिक विवादों की चर्चा फिर शुरू हो गई है।

हालांकि, परिवार में पहले हुई आत्महत्या और संपत्ति के बंटवारे से जुड़ी जानकारी सामने आने के बावजूद यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि मौजूदा घटना के पीछे भी यही कारण है। इसी तरह, रात में नूडल्स खाने और चाय पीने की जानकारी अपने आप में किसी खाद्य पदार्थ को मौतों का कारण साबित नहीं करती। घटना के पीछे की परिस्थितियों और संभावित कारणों का पता लगाने के लिए जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल परिवार की संपत्ति, आपसी संबंधों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को अलग-अलग साक्ष्यों के आधार पर देखना जरूरी है।

 

Hot this week

Lucknow : यूपी में ‘रूल ऑफ माफिया’ मिटाकर स्थापित किया ‘रूल ऑफ लॉ’- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img