Noida Development: विकास कार्य नहीं हुए तो सोरखा गांव के लोग करेंगे प्राधिकरण कार्यालय का घेराव
नोएडा के सोरखा गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रविवार को गांव में जल और सीवर कनेक्शन सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायत आयोजित की गई। इसमें ग्रामीणों ने नोएडा प्राधिकरण के प्रति नाराजगी जताते हुए विकास कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की। पंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि गांव की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण प्राधिकरण कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। पंचायत में भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
सोरखा गांव में आयोजित पंचायत की अध्यक्षता महेंद्र सिंह यादव ने की, जबकि मंच का संचालन भारतीय किसान संगठन के महानगर अध्यक्ष दीपू यादव ने किया। पंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण की लापरवाही और उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण गांव में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति खराब बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
पंचायत में गांव के सभी पात्र परिवारों को स्थायी जल और सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए विशेष शिविर लगाने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही जलभराव की समस्या दूर करने और गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि गलियों की पहचान के लिए गली नंबर दर्ज किए जाने चाहिए, ताकि लोगों को पते से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए लंबे समय से प्रस्तावित बालिका इंटर कॉलेज का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग भी उठाई गई।
किसानों की पुश्तैनी जमीन और आबादी के मामलों का मुद्दा उठा
पंचायत में किसानों की जमीन और पुश्तैनी आबादी से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने किसानों को आश्वासन दिया कि स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के अंतर्गत आने वाली किसानों की पुश्तैनी कृषि भूमि पर प्राधिकरण या बिल्डर को जबरन कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ा है।
पंचायत में मौजूद रवि यादव ने कहा कि प्राधिकरण में किसानों की मूल पुश्तैनी आबादियों से संबंधित कई आवेदन वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने मांग की कि इन मामलों की जल्द सुनवाई की जाए और पात्र किसानों की पुश्तैनी आबादियों की बैकलीज की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि उन्हें लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिल सके।
प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान संगठन के महानगर अध्यक्ष दीपू यादव ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए। यदि प्राधिकरण ने ग्रामीणों की मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की तो संगठन और ग्रामीण प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याएं दूर नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
पंचायत में श्याम सिंह यादव, अलबेल यादव, सुंदर यादव, सीताराम यादव, एडवोकेट लोकेश शर्मा, अजय यादव और नेता जी लखन यादव सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। पंचायत के माध्यम से ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे गांव में जल, सीवर, जलनिकासी, शिक्षा और किसानों की लंबित समस्याओं का समाधान चाहते हैं। अब ग्रामीणों की नजर प्राधिकरण की कार्रवाई पर है।

