Noida Food Safety: नवरात्रि से पहले नोएडा में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 24.5 लीटर घी और 33 किलो साबूदाना जब्त
नोएडा। नवरात्रि के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान घी, साबूदाना और मूंगफली के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। गुणवत्ता खराब होने और प्रथम दृष्टया मिलावट या गलत ब्रांडिंग की आशंका के चलते विभिन्न स्थानों से खाद्य पदार्थ भी जब्त किए गए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त द्वितीय सर्वेश कुमार के अनुसार, विभागीय टीम ने सेक्टर इकोटेक-3 स्थित सेरेलेक प्राइवेट लिमिटेड की निर्माणशाला से गाय के घी का नमूना लिया। छिपयाना बुजुर्ग में सोनू किराना स्टोर से व्रत में इस्तेमाल होने वाले आटे का नमूना और लाला जय सिंह किराना स्टोर से मूंगफली के दानों का नमूना एकत्र किया गया। लाला जय सिंह किराना स्टोर पर गुणवत्ता खराब प्रतीत होने के कारण करीब 40 किलोग्राम मूंगफली के दाने जब्त किए गए।
टीम ने पतवारी स्थित विकास ट्रेडिंग कंपनी से भी मूंगफली के दानों का नमूना लिया। यहां से लगभग 50 किलोग्राम मूंगफली के दाने जब्त किए गए। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं को संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाना है।
सेक्टर-104 स्थित आरएम नोएडा हाइपरमार्केट में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच की। यहां से साबूदाना और घी के नमूने लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मिलावटी या मिसब्रांडेड प्रतीत होने के कारण 24.5 लीटर घी और 33 किलोग्राम साबूदाना जब्त किया गया। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित बालाजी किराना स्टोर से मूंगफली के दानों का नमूना भी लिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल सात नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल विभाग ने संदिग्ध प्रतीत होने वाली खाद्य सामग्री को जब्त कर लिया है।
नवरात्रि के दौरान व्रत में इस्तेमाल होने वाले आटे, घी, साबूदाना और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से की गई यह कार्रवाई मिलावट पर निगरानी और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के प्रयास का हिस्सा है।


