Mad Sandhu Murder: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हत्याकांड में 6 गिरफ्तार, कथित मुख्य शूटर अहमदाबाद से पकड़ा; 125 किमी CCTV ट्रेल से जांच आगे बढ़ी
पंजाबी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मधुसूदन सिंह उर्फ मैड संधू की हत्या के मामले में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक कथित मुख्य शूटर परमिंदर सिंह उर्फ काका को गुजरात के अहमदाबाद से पकड़ा गया। वह वारदात के बाद पंजाब से फरार होकर वहां पहुंचा था।
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार जांच में तकनीकी सर्विलांस, मानवीय खुफिया जानकारी और करीब 125 किलोमीटर लंबी CCTV ट्रेल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने और फरारी के रास्तों को खंगाला और दावा किया कि आरोपियों ने सामान्य रास्तों से बचने के लिए कच्चे रास्तों, उल्टे रूट और हाईवे के गलत साइड का भी इस्तेमाल किया।
मैड संधू की हत्या 3 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे अमृतसर के लोहarka रोड इलाके में हुई थी। वह कार लेने के लिए एक कार वॉश सेंटर के बाहर पहुंचे थे, तभी बाइक पर आए हमलावरों ने नजदीक से गोली चलाई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार परमिंदर उर्फ काका की गोली चलाने और वारदात के बाद भागने के लिए वाहन की व्यवस्था में भूमिका थी। पुलिस ने उसके पास से वे जूते भी बरामद किए जिनके बारे में जांच एजेंसी का दावा है कि इन्हें हत्या के समय पहना गया था। हथियारों और मोटरसाइकिलों की बरामदगी के लिए आगे भी छापेमारी जारी है।
मुख्य शूटर तक पहुंचने में एक QR कोड को महत्वपूर्ण सुराग बताया गया है। पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान परमिंदर के पास पैसे खत्म हो गए थे और उसने अपने भाई अमनदीप सिंह के जरिए पैसे मंगवाने की कोशिश की। पुलिस ने अमनदीप के जरिए उससे संपर्क बनाए रखा और QR कोड स्कैन किए जाने के बाद लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली। इसके बाद जानकारी गुजरात पुलिस क्राइम ब्रांच को दी गई और अहमदाबाद में गिरफ्तारी की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान परमिंदर सिंह उर्फ काका, अमनदीप सिंह, परमवीर सिंह, बलजिंदर सिंह उर्फ लाली, बलराज सिंह उर्फ बंटी और विकास सिंह के रूप में बताई गई है। पुलिस के मुताबिक सभी की भूमिका अलग-अलग रही और हत्या की तैयारी कई स्तरों पर की गई।
जांच एजेंसी के अनुसार अमनदीप ने फरार आरोपी तक पैसे पहुंचाने में मदद की। पुलिस को कथित तौर पर विदेश में बैठे गैंग से पैसों के लेनदेन का सुराग मिला और अमनदीप के खाते में 16 हजार रुपये भेजे जाने की बात सामने आई, जिनमें 11 हजार रुपये परमिंदर और 5 हजार रुपये परमवीर सिंह को दिए जाने का दावा है। पुलिस इस लेनदेन की जांच कर रही है।
परमवीर सिंह पर हथियार और लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप है। बलराज सिंह उर्फ बंटी पर रेकी और हथियार पहुंचाने में मदद का आरोप है, जबकि पुलिस का कहना है कि बलराज और विकास सिंह ने वारदात से पहले दो से तीन दिन इलाके की रेकी की। बलजिंदर सिंह उर्फ लाली पर मोटरसाइकिल के जरिए आने-जाने में मदद करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार परमिंदर के खिलाफ पहले से करीब पांच आपराधिक मामले और बलजिंदर के खिलाफ चार पुराने मामले दर्ज होने की जानकारी है। जांच में हत्या के तार गोल्डी ढिल्लों और एक गैंग से जुड़े होने के संदेह की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि हत्या से पहले मैड संधू की ओर से रंगदारी या फिरौती की कोई शिकायत दर्ज नहीं थी, इसलिए यह एंगल फिलहाल जांच का हिस्सा है।
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों के नाम से जिम्मेदारी लेने वाला एक पोस्ट सामने आने की बात भी कही गई है। पुलिस इस पोस्ट, कथित गैंग कनेक्शन, दूसरे संदिग्ध शूटर, हथियारों की सप्लाई और पैसों के नेटवर्क की जांच कर रही है।
स्रोत सामग्री के अनुसार वारदात में .30 बोर के हथियारों के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं और कुछ हथियार बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि दूसरे कथित शूटर की पहचान की जा चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।
मैड संधू सोशल मीडिया पर मेकअप, फैशन, निजी जीवन और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए जाने जाते थे। उनके इंस्टाग्राम पर दो लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए गए हैं। पुलिस अब हत्या के वास्तविक मकसद और साजिश से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच कर रही है।


