Bulandshahar (अवनीश त्यागी) : बुलंदशहर में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले चुनाव आयोग के खिलाफ धरना प्रदर्शन के दौरान नगर कोतवाल ने कांग्रेसियों से अभद्रता की थी।

जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और कोतवाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव बंद करने और जिले में सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की भी मांग की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ता के सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिकायती पत्र में कहा गया कि एसएसपी के नेतृत्व में जिले में पुलिस द्वारा जनसुनवाई और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों के आचरण से विभाग की छवि खराब हो रही है। आरोप लगाया गया कि 28 सितंबर को चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बाद शहर कोतवाली प्रभारी सुजीत उपाध्याय ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जानबूझकर अभद्रता और मारपीट की। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उनका व्यवहार तनाव बढ़ाने वाला था। मौके पर एएसपी प्रेमसुख दरिया ने सौम्य व्यवहार से स्थिति को संभाला।
कांग्रेस ने शहर कोतवाल को शहर से हटाकर देहात में भेजने और उन्हें पुलिस आचरण नियमावली और भीड़ प्रबंधन का पुनः प्रशिक्षण दिलाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने चौकी नरसलघाट प्रभारी अशोक कुमार पर कांग्रेस नेता नईम मंसूरी को टारगेट करने का आरोप लगाया और कहा कि पूर्व में पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत करने के कारण किसी नागरिक या कार्यकर्ता को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दुकानदारों से कथित अवैध वसूली के आरोपों की जांच की भी मांग की।
कांग्रेस ने 25 अगस्त को थाना ककोड़ प्रभारी पर युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष इसराइल गहलोत और प्रदेश सचिव गौरव जयराम के साथ अभद्रता और मारपीट के मामले का उल्लेख करते हुए अब तक हुई कार्रवाई को सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
जियाउर्रहमान ने कहा कि नगर कोतवाल को अभी पुलिसिंग के प्रशिक्षण की जरूरत है और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में राजनीतिक धार्मिक या जातिगत भेदभाव से बचना चाहिए। उन्होंने औरंगाबाद से जुड़े एक मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस दौरान सुभाष गांधी, रवि लोधी, राकेश भाटी, प्रशांत वाल्मीकि, साजिद गाजी, वीरेंद्र शर्मा और गौरव जयराम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


