School Audit: नोएडा से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत, सौरभ दास बोले- ऑडिट से सामने आएगी स्कूलों की जमीनी हकीकत

School Audit: नोएडा से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत, सौरभ दास बोले- ऑडिट से सामने आएगी स्कूलों की जमीनी हकीकत

नोएडा। स्कूलों में बच्चों को मिल रही शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने नोएडा से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल ऑडिट की शुरुआत की है। इस अभियान के जरिए स्कूलों का जमीनी स्तर पर आकलन कर वहां की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

सौरभ दास मंगलवार को इस अभियान के सिलसिले में नोएडा पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत शहर के कुछ स्कूलों का दौरा कर उनका ऑडिट किया जाएगा। इस दौरान यह समझने का प्रयास होगा कि स्कूलों में बच्चों के पढ़ने और सीखने की वास्तविक परिस्थितियां कैसी हैं और शिक्षा व्यवस्था जमीनी स्तर पर किस स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि नोएडा उत्तर प्रदेश के बेहतर जिलों में गिना जाता है। ऐसे में यहां के स्कूलों की स्थिति भी अच्छी होने की उम्मीद की जाती है। स्कूल ऑडिट के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि वास्तविकता में स्कूलों की स्थिति इन अपेक्षाओं के अनुरूप है या नहीं।

सौरभ दास ने इस अभियान में प्रदेश के युवाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने आसपास मौजूद स्कूलों की स्थिति को समझें और उनका ऑडिट करें। इससे स्थानीय स्तर पर स्कूलों की समस्याओं और बच्चों को मिल रही सुविधाओं की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।

उन्होंने कहा कि युवाओं को यह देखना चाहिए कि उनके आसपास के स्कूलों में बच्चों को किस प्रकार की शिक्षा मिल रही है और पढ़ाई के लिए कैसी परिस्थितियां उपलब्ध हैं। स्थानीय लोगों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से स्कूलों की वास्तविक समस्याओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

अभियान के तहत नोएडा के स्कूलों का दौरा कर वहां की स्थिति का आकलन करने की योजना बनाई गई है। स्कूल ऑडिट से सामने आने वाली जानकारी के आधार पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जमीनी चुनौतियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

सौरभ दास के मुताबिक ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का उद्देश्य केवल स्कूलों की स्थिति देखना नहीं, बल्कि शिक्षा के स्तर में सुधार की दिशा में लोगों, विशेषकर युवाओं, की भागीदारी बढ़ाना भी है। अभियान के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने लाने की कोशिश की जाएगी।

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