Greater Noida Karni Sena: परमिशन नहीं मिलने पर करणी सेना का सम्मेलन रोका, UGC के नए कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी

Greater Noida Karni Sena: परमिशन नहीं मिलने पर करणी सेना का सम्मेलन रोका, UGC के नए कानून के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के मिर्जापुर गांव में रविवार को प्रस्तावित श्री राजपूत करणी सेना के सर्व समाज सम्मेलन को पुलिस-प्रशासन ने अनुमति नहीं होने के कारण रोक दिया। कार्यक्रम के आयोजन स्थल पर शनिवार रात से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और फार्म हाउस के गेट पर ताला लगा दिया गया। रविवार को विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, लेकिन प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के कारण सम्मेलन आयोजित नहीं हो सका।

श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर धीरज सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में सर्व समाज का सम्मेलन आयोजित किया जाना था। संगठन की ओर से इसकी तैयारियां की गई थीं और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। हालांकि प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए इसे आयोजित करने की इजाजत नहीं दी।

आयोजकों के मुताबिक, शनिवार रात से ही पुलिस आयोजन स्थल पर पहुंच गई थी। रविवार सुबह जब कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोग मिर्जापुर पहुंचे तो फार्म हाउस में प्रवेश नहीं मिल सका। संगठन के पदाधिकारियों और वहां पहुंचे लोगों ने पुलिस अधिकारियों से सम्मेलन आयोजित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन प्रशासन ने बिना अनुमति कार्यक्रम कराने से इनकार कर दिया।

सम्मेलन नहीं हो पाने के बाद मौके पर पहुंचे लोग एक अन्य स्थान पर एकत्र हुए। वहां संगठन के पदाधिकारियों ने आगे की रणनीति और भविष्य में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की। करणी सेना के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम रोके जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सामाजिक मुद्दों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को इस तरह रोकना उचित नहीं है।

इस दौरान ठाकुर धीरज सिंह ने यूजीसी से जुड़े नए कानून को लेकर भी विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच दूरी बढ़ा सकती है। उन्होंने सरकार से इस पर दोबारा विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की।

धीरज सिंह ने कहा कि फिलहाल संगठन की ओर से सांकेतिक तरीके से विरोध किया जा रहा है। यदि उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ अन्य संगठनों और समाज के लोगों को जोड़कर सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।

करणी सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन इस मुद्दे को लेकर आगे भी बैठकें करेगा और अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क स्थापित किया जाएगा। संगठन ने सरकार से मांग की है कि संबंधित कानून को लेकर उठ रही आपत्तियों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों से बातचीत की जाए और उनकी चिंताओं को सुना जाए।

मिर्जापुर में सम्मेलन रोके जाने के बाद अब संगठन की ओर से अगले कार्यक्रम की तारीख और स्थान तय करने की तैयारी की जा रही है। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक नियमों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जाएगी, लेकिन यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर उनका विरोध जारी रहेगा।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img