Himachal Healthcare: विशेषज्ञ डॉक्टरों को NPA, कैंसर केयर पर ₹800 करोड़ खर्च करेगी सरकार

Himachal Healthcare: विशेषज्ञ डॉक्टरों को NPA, कैंसर केयर पर ₹800 करोड़ खर्च करेगी सरकार

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार Himachal Healthcare को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में कई बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों को Non Practicing Allowance (NPA) देने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में कैंसर केयर संस्थानों को मजबूत करने के लिए करीब 800 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।

विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों को NPA देने पर विचार

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा अधिकारियों (विशेषज्ञ) को Non Practicing Allowance यानी NPA देने के विषय पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं को मजबूत करना और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाना है।

सरकार का फोकस प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ सेवाओं को बेहतर बनाने पर है। इसके साथ ही चिकित्सा संस्थानों में खाली पड़े पदों को भी चरणबद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

Himachal Pradesh में Cancer Care पर ₹800 करोड़ का प्लान

प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल सरकार ने Cancer Care सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे हिमाचल प्रदेश में कैंसर देखभाल संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए करीब 800 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इस राशि के माध्यम से कैंसर उपचार से जुड़ी सुविधाओं, संस्थानों और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।

कैंसर उपचार की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाएगी, जो प्रदेश में मौजूदा कैंसर उपचार व्यवस्था और आने वाली जरूरतों का अध्ययन कर आगे की रणनीति तैयार करेगी।

एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा उपकरण

Himachal Health Department प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक चिकित्सा मशीनों और उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा मशीनों और उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। आधुनिक उपकरणों से गंभीर बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सरकार का लक्ष्य है कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं हिमाचल प्रदेश के भीतर ही उपलब्ध हो सकें।

मेडिकल छात्रों और फैकल्टी को विदेशों में Exposure Visit

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की आधुनिक उपचार पद्धतियों से जोड़ने की योजना की भी जानकारी दी। इसके तहत मेडिकल क्षेत्र के विद्यार्थियों और फैकल्टी के लिए विदेशों के प्रतिष्ठित एवं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों में Exposure Visit आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

इन यात्राओं के माध्यम से मेडिकल छात्र और फैकल्टी दुनिया के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में इस्तेमाल की जा रही आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों, नई तकनीकों और कार्यप्रणाली को समझ सकेंगे।

सरकार पहले से स्कूलों और तकनीकी संस्थानों के मेधावी विद्यार्थियों को विदेशों में एक्सपोजर विजिट करवा रही है। इसी तरह की पहल को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाने की योजना है।

Gene Therapy और Molecular Therapy पर भी फोकस

हिमाचल प्रदेश सरकार भविष्य की आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने Gene Therapy और Molecular Therapy जैसी नवीन उपचार तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाओं पर काम करेगी। इन आधुनिक तकनीकों को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की बैठक में प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा संस्थानों में Human Resources की कमी दूर करने और खाली पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने पर जोर दिया। सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त विशेषज्ञता और मानव संसाधन उपलब्ध कराना है।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

स्वास्थ्य विभाग की बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

Himachal Healthcare: सरकार का फोकस क्या है?

हिमाचल प्रदेश सरकार की इस योजना में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने, कैंसर उपचार को मजबूत करने और मेडिकल शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिखाई देता है।

विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों को NPA, कैंसर केयर पर ₹800 करोड़ का प्रस्ताव, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और Gene Therapy तथा Molecular Therapy जैसी तकनीकों पर फोकस हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

 

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