Hapur News : हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव बदनौली में शुक्रवार को हुए गोलीकांड में घायल दीपक ने रविवार सुबह दम तोड़ दिया। मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा तो आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए जाम लगा दिया। स्थिति को देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया था और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को गांव में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पथराव और फायरिंग हुई। इस घटना में एक महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों में दीपक की हालत शुरू से ही नाजुक बनी हुई थी, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान संदीप कुमार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। तनाव को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने आक्रोशित परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद जाम खोला गया।
पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पुलिस की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। इस मुकदमे को अब हत्या की धाराओं में तरमीम किया जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
उधर इस घटना को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। सांसद ने कहा कि चार सितंबर को घरों में घुसकर की गई पथराव और फायरिंग की घटना में एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया है, जिसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है। उन्होंने योगी सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही घटना से पहले की परिस्थितियों और पुलिस की भूमिका की भी जांच कर जिम्मेदारी तय करने को कहा है।
वहीं बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि हापुड़ में आपसी रंजिश और झड़प में घायल व्यक्ति की मौत बेहद दुखद है। सरकार आरोपियों को कानूनी सजा देने के साथ पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद भी करे। उन्होंने कहा कि आपसी रंजिश का खून खराबे में बदल जाना निंदनीय और चिंताजनक है, ऐसी घटनाओं को सरकारी हस्तक्षेप से हर हाल में रोका जाना चाहिए।


