Suraksha Bandhan: सफदरजंग अस्पताल में राखी के साथ मरीजों की सुरक्षा का संकल्प, डॉक्टर-नर्सों ने दिया बेहतर देखभाल का संदेश
नई दिल्ली। रक्षाबंधन के पर्व को मरीजों की सुरक्षा, बेहतर देखभाल और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हुए वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा विभाग ने शुक्रवार को ‘सुरक्षा बंधन’ पहल का आयोजन किया। कार्यक्रम में रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने एक-दूसरे को राखी बांधकर मरीजों की सुरक्षा और बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सेवा का संकल्प लिया।
रक्षाबंधन पर आयोजित इस विशेष पहल के माध्यम से अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने त्योहार के पारंपरिक संदेश को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों से जोड़ा। डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधते हुए आपसी सहयोग मजबूत करने और हर परिस्थिति में मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक ‘सुरक्षा बंधन’ पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन के मूल संदेश सुरक्षा, देखभाल और जिम्मेदारी को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ना है। जिस तरह रक्षाबंधन का पर्व एक-दूसरे की रक्षा और साथ निभाने का संदेश देता है, उसी भावना को अस्पताल में मरीजों की देखभाल और सुरक्षा से जोड़ा गया।
आपातकालीन चिकित्सा विभाग में स्वास्थ्यकर्मियों को कई बार गंभीर और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मरीजों का उपचार करना पड़ता है। ऐसे में टीम के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल, सतर्कता और त्वरित निर्णय मरीजों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। कार्यक्रम के दौरान इन्हीं पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया।
‘सुरक्षा बंधन’ के दौरान प्रतिभागियों ने मरीजों को सुरक्षित और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि मरीज की चिकित्सा के साथ उसके प्रति संवेदनशील व्यवहार और सम्मान भी स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम में टीमवर्क को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया। डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने आपसी सहयोग के साथ आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों की जरूरतों के प्रति अधिक सतर्क रहने का संकल्प लिया।
अस्पताल प्रशासन ने इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं में करुणा, जिम्मेदारी और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का प्रयास बताया। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित ‘सुरक्षा बंधन’ ने त्योहार को पारिवारिक रिश्तों से आगे बढ़ाते हुए मरीज और स्वास्थ्यकर्मी के बीच देखभाल एवं जिम्मेदारी के रिश्ते से जोड़ने का संदेश दिया।


