YEIDA Board Meeting: किसानों की जमीन खरीद दर में 6 फीसदी बढ़ोतरी, यमुना सिटी में मेडिकल हब और ताइवान सिटी को मंजूरी
नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में यमुना सिटी और आसपास के क्षेत्रों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। नोएडा स्थित प्राधिकरण के सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास) एवं यीडा अध्यक्ष आलोक कुमार ने की। बैठक में यीडा के सचिव एवं बोर्ड सदस्य सचिव राकेश कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विभागों के एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा के बाद किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बोर्ड ने किसानों के हित में आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीद दर में छह फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर के फेज-1 क्षेत्र के सुनियोजित विकास को ध्यान में रखते हुए जमीन खरीद की मौजूदा दर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है। इस फैसले से प्राधिकरण के लिए किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदना आसान होगा और किसानों को भी अपनी जमीन के बदले पहले की तुलना में अधिक राशि मिलेगी।
प्राधिकरण की ओर से आबादी भूखंड समेत वैकल्पिक दर निर्धारित करने का भी प्रावधान किया गया है। माना जा रहा है कि इससे भूमि खरीद और विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
बैठक में यमुना सिटी के सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा के लिए बड़े संस्थानों के विकास का रास्ता साफ होगा।
खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ भूमि आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए चिन्हित की गई है। इससे यमुना सिटी में बड़े स्तर की खेल सुविधाएं विकसित होने और स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
किसानों और व्यापारियों के लिए मंडी सुविधा विकसित करने की दिशा में भी फैसला लिया गया है। सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर मंडी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट के आसपास यात्रियों, उद्यमियों और आम लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए भूमि चिन्हित की गई है।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-06 में ताइवान आधारित उद्योगों के लिए ताइवान सिटी विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 300 एकड़ भूमि आरक्षित की जाएगी। इस परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसी सेक्टर में करीब 100 से 125 एकड़ भूमि फार्मास्युटिकल फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया गया है। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) मानकों के अनुरूप दवाओं का उत्पादन किया जाएगा। क्लस्टर में टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्टेबल, ओरल लिक्विड, टॉपिकल प्रिपरेशन और अन्य फिनिश्ड डोजेज फॉर्म के निर्माण की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है और उत्तर प्रदेश को फार्मा विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
यीडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में मेडिकल उपकरणों की जांच के लिए टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह सुविधा FDA की ASCA योजना के अनुरूप विकसित की जाएगी। इसके तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत पहलुओं की जांच के लिए एक टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है।
वर्तमान में भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को कई तरह की जांच के लिए विदेशी प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। यीडा क्षेत्र में टेस्टिंग सुविधा विकसित होने के बाद मेडिकल डिवाइस निर्माताओं और एमएसएमई को इसका लाभ मिल सकेगा। इससे चिकित्सा उपकरणों के निर्यात और इस क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड बैठक में यीडा की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां 1,853.74 करोड़ रुपये दर्ज की गईं। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 90.25 फीसदी अधिक हैं। वहीं, इस अवधि में प्राधिकरण का कुल व्यय 3,690.64 करोड़ रुपये रहा। इसमें भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर 3,371 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
बैठक में आगरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे के चेनज 161.21 पर सर्विस रोड के पास कारबन नदी पर कलवर्ट यानी माइनर ब्रिज बनाने को भी मंजूरी दी गई। बारिश के दौरान यहां जलभराव के कारण सर्विस रोड पर यातायात प्रभावित होता था। कलवर्ट बनने के बाद वर्षा के दौरान पानी की निकासी बेहतर होने और लोगों को सुरक्षित व निर्बाध आवागमन मिलने की उम्मीद है।
यीडा बोर्ड के इन फैसलों को यमुना सिटी के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, बस अड्डा, ताइवान सिटी, फार्मा क्लस्टर और मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सुविधा जैसी परियोजनाओं से क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है। वहीं किसानों की जमीन खरीद दर में छह फीसदी की बढ़ोतरी से भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।


