Women Empowerment: मातृशक्ति बनेगी विकसित भारत की ताकत, 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य
नई दिल्ली, 16 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए महिलाओं को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनके आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित कर रही हैं और उनकी बढ़ती भागीदारी भारत के विकास की दिशा को और मजबूत कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी मानने के बजाय उन्हें देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना जरूरी है। इसी सोच के तहत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने बताया कि देश में 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य पार हो चुका है और अब सरकार ने 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है।
‘लखपति दीदी’ पहल के तहत महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे कारोबार और आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आय में वृद्धि का सीधा असर परिवारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो परिवार के साथ-साथ पूरे गांव और स्थानीय बाजार की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक शक्ति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को आगे बढ़ाने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे। इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ने के साथ उनके निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होगी।
राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की भी अपील की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा महिला आरक्षण को जल्द लागू कराने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि देश की माताओं, बहनों और बेटियों की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाना विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है। राजनीति और नीति निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी से ऐसे मुद्दों को भी मजबूती से स्थान मिल सकता है जो महिलाओं और परिवारों के जीवन से सीधे जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महिलाओं की भूमिका केवल सामाजिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह सकती। अर्थव्यवस्था, राजनीति, विज्ञान, तकनीक, उद्योग, कृषि और प्रशासन समेत हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देश की बेटियां अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में महिलाओं को अवसर, संसाधन और निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त स्थान देकर उनकी क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार की ओर से 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण लक्ष्य के रूप में सामने आया है। इसके साथ महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की अपील से महिलाओं की आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी को एक साथ मजबूत करने का संदेश दिया गया है।


