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Cyber Crime: महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर साइबर ठगी करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, निवेश के नाम पर लगाता था चूना

Cyber Crime: महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर साइबर ठगी करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, निवेश के नाम पर लगाता था चूना

 

नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने महिला की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से संपर्क करता था और निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है।

डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि शहर निवासी एक व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी की घटना हुई थी। पीड़ित ने इस मामले में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके बाद उसे ग्रेटर नोएडा की एक सोसाइटी से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान डॉ. रामाकृष्ण पेदगावेगी के रूप में हुई है। वह मूलरूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है और उसकी उम्र 37 वर्ष है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई की है।

जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डेटिंग ऐप पर महिला के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था। बातचीत के दौरान वह खुद को महिला बताकर सामने वाले व्यक्ति का विश्वास जीतता था। इसके बाद वह निवेश के नाम पर लोगों को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता था।

आरोपी लोगों को कम समय में कई गुना लाभ मिलने का झांसा देता था। शुरुआत में वह छोटे निवेश पर नकली मुनाफा दिखाकर पीड़ितों का भरोसा हासिल करता था। जब लोग उसके झांसे में आकर बड़ी रकम निवेश कर देते थे तो वह रकम निकालने में समस्या बताकर और पैसे मांगता था या फिर संपर्क तोड़ देता था।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि पीड़ितों से जिस बैंक खाते में रकम जमा कराई जाती थी, वह म्यूल अकाउंट था। इस खाते की इंटरनेट बैंकिंग के लिए आरोपी का मोबाइल नंबर पंजीकृत था। इसी के जरिए वह ठगी की रकम को नियंत्रित करता था और बाद में उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देता था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और इस पूरे नेटवर्क में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल हैं।

साइबर अपराधी ऐसे बनाते हैं शिकार

साइबर अपराधी इन दिनों सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पहले वे दोस्ती या रिश्ते का भरोसा दिलाकर पीड़ित से संपर्क बढ़ाते हैं। इसके बाद शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो करेंसी, विदेशी मुद्रा कारोबार या ऑनलाइन निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देते हैं।

ठग शुरुआत में फर्जी लाभ दिखाकर लोगों को विश्वास दिलाते हैं। जब पीड़ित बड़ी रकम निवेश कर देता है तो ठग पैसे निकालने के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मांगते हैं या अचानक संपर्क खत्म कर देते हैं। कई मामलों में अपराधी नकली वेबसाइट और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करते हैं।

साइबर ठगी से बचने के लिए रहें सतर्क

पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप पर मिले किसी अज्ञात व्यक्ति की निवेश सलाह पर भरोसा न करें। कम समय में अधिक मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें।

किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और पंजीकरण की जांच जरूर करें। अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, ऐप या वेबसाइट पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। बैंक खाता, ओटीपी, पासवर्ड और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

साइबर पुलिस का कहना है कि डिजिटल तकनीक बढ़ने के साथ अपराधी भी नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

 

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