दिल्ली

NFPRC Workshop: सांसदों और विधायकों के लिए आयोजित कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल संवाद पर मंथन

NFPRC Workshop: सांसदों और विधायकों के लिए आयोजित कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल संवाद पर मंथन

नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में Nation First Policy Research and Change Foundation (NFPRC) द्वारा सांसदों और विधायकों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोकसभा, राज्यसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल संचार और सुशासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनप्रतिनिधियों और नीति विशेषज्ञों के बीच गंभीर संवाद स्थापित करना था।

कार्यक्रम में NFPRC Foundation के अध्यक्ष तरुण चुघ ने संगठन की शोध आधारित नीति निर्माण और जनप्रतिनिधियों के क्षमता निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाएं, नई शिक्षा नीति 2020 के तहत किए जा रहे शिक्षा सुधार और डिजिटल माध्यमों से जनप्रतिनिधियों की संवाद क्षमता को मजबूत करना विकसित भारत@2047 की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि प्रभावी क्रियान्वयन, संस्थागत समन्वय और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं किया जा सकता।

लोकसभा सांसद Dr. C. N. Manjunath ने “आयुष्मान भारत: भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की नई नींव” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को देश के हर नागरिक तक पहुंचाना विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने, क्लेम प्रक्रिया को सरल बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया। सांसद ने कहा कि तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाएं आने वाले समय में देश के चिकित्सा ढांचे को और मजबूत करेंगी।

कार्यशाला में Central Square Foundation के सीनियर डायरेक्टर सौरभ चोपड़ा ने नई शिक्षा नीति 2020 और वैश्विक शिक्षा मॉडल पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा, कौशल आधारित पढ़ाई और डिजिटल लर्निंग भारतीय शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और भविष्य के अनुरूप बना रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी और उन्हें रोजगार तथा नवाचार के बेहतर अवसर प्रदान करेगी।

कार्यक्रम के दौरान WTO जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर और “How India Braved the Covid-19 Pandemic” पुस्तक के लेखक आशीष चंदोरकर का वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत ने कोविड-19 महामारी का सामना दृढ़ता, समन्वय और तकनीकी क्षमता के साथ किया। उन्होंने CoWIN प्लेटफॉर्म और देशव्यापी टीकाकरण अभियान को भारत की बड़ी उपलब्धि बताया।

लोकसभा सांसद Sambit Patra ने रणनीतिक डिजिटल संचार पर आयोजित सत्र में कहा कि बदलते डिजिटल मीडिया परिदृश्य में जनप्रतिनिधियों के लिए प्रभावी संवाद बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया को जनसंपर्क और जनविश्वास निर्माण का शक्तिशाली माध्यम बताते हुए इसके जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया।

डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि सोशल मीडिया प्रबंधन, समय पर सही जानकारी का प्रसार, मीडिया मॉनिटरिंग और संकट की स्थिति में प्रभावी संवाद रणनीति आज की राजनीति और प्रशासन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि गलत सूचनाओं से निपटने के लिए सक्रिय और पारदर्शी संचार बेहद आवश्यक है। साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं और स्थानीय मीडिया की भूमिका को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के अंत में NFPRC Foundation के बोर्ड सदस्य अभिनव प्रकाश ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी शोध आधारित संवाद, नीति निर्माण और जनप्रतिनिधियों के क्षमता विकास के लिए इसी प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करती रहेगी।

कार्यशाला में शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने, डिजिटल सिस्टम को बेहतर करने और सरकारी योजनाओं की पहुंच आम जनता तक बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने ऐसे निष्पक्ष और शोध आधारित संवाद मंचों की सराहना की, जो जनप्रतिनिधियों को बेहतर निर्णय लेने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।

 

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