Delhi Safai Karamchari Commission Notice: शाहदरा नॉर्थ जोन की डिप्टी कमिश्नर तलब, ASI राजकुमार सोलंकी के मौत मामले में मांगी रिपोर्ट
रिपोर्ट: अजीत कुमार
दिल्ली नगर निगम के शाहदरा (उत्तरी) जोन से जुड़े सहायक सफाई निरीक्षक राजकुमार सोलंकी आत्महत्या मामले में अब दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की ओर से शाहदरा (उत्तरी) जोन की निगम उपायुक्त ममता यादव को नोटिस जारी कर आगामी 11 मई को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पूरा मामला सहायक सफाई निरीक्षक राजकुमार सोलंकी की आत्महत्या से जुड़ा हुआ है। राजकुमार सोलंकी ने कुछ दिन पहले कार्यालय की तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इस घटना के बाद सफाई कर्मचारियों और निगम कर्मचारियों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली थी।
दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन संजय गहलोत ने बताया कि पूर्व उपायुक्त अभिषेक मिश्रा, जो रिश्वतखोरी के मामले में पकड़े जा चुके हैं, उनके कार्यकाल के दौरान राजकुमार सोलंकी को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद वह लगातार अपनी समस्या को लेकर कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही थी। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव और परेशानियों के चलते उन्होंने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया।
आयोग के अनुसार, आत्महत्या से पहले राजकुमार सोलंकी ने अपने एक साथी कर्मचारी से बातचीत भी की थी, जिसमें उन्होंने कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में प्राथमिक कार्रवाई करते हुए सफाई निरीक्षक सीसा राम और सफाई अधीक्षक हरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
हालांकि, आरोप यह भी है कि सहायक आयुक्त हेमराज मीणा और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी को लेकर आयोग ने नाराजगी जाहिर की है और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
नोटिस में आयोग ने उपायुक्त से अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी मांगी है। इसके साथ ही मृतक राजकुमार सोलंकी के परिवार को पक्की सरकारी नौकरी, आर्थिक मुआवजा और अन्य सहायता दिए जाने को लेकर भी जवाब मांगा गया है। आयोग चाहता है कि पीड़ित परिवार को उचित न्याय और सहायता मिल सके।
वहीं, इस मामले में संबंधित दिल्ली पुलिस उपायुक्त को भी 11 मई को आयोग के सामने रिपोर्ट पेश करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। आयोग पूरे मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गंभीर नजर आ रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विभागों में कर्मचारियों के मानसिक दबाव, प्रशासनिक कार्यशैली और अधिकारियों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अगर समय रहते राजकुमार सोलंकी की शिकायतों पर ध्यान दिया गया होता, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
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