Himachal Pensioners Meeting: पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन

Himachal Pensioners Meeting: पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन
हिमाचल प्रदेश में पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों को लेकर एक अहम बैठक हुई, जिसमें Sukhvinder Singh Sukhu से हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को विस्तार से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और एक औपचारिक मांग पत्र भी सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम कर रहे थे। उन्होंने पेंशनरों से संबंधित लंबित मामलों, वित्तीय लाभ और अन्य सुविधाओं को लेकर सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। बैठक के दौरान पेंशनर्स की समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने वित्तीय चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बीते साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल किया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ओपीएस लागू करने के लिए मिलने वाली लगभग 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को रोक दिया गया है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के संशोधित वेतनमान से संबंधित सभी बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया है। इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण के लंबित मामलों का भी निपटारा किया जा चुका है।
इस बैठक में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने पेंशनरों के हितों को लेकर सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
यह बैठक पेंशनर्स के मुद्दों के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में और भी राहतकारी फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है।





