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Heat Stroke Alert: भीषण गर्मी में लापरवाही पड़ सकती है भारी, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

Heat Stroke Alert: भीषण गर्मी में लापरवाही पड़ सकती है भारी, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हीट स्ट्रोक और हीट एक्सॉशन के बढ़ते खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप और उच्च तापमान के बीच थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह समय बेहद संवेदनशील होता है।

AIIMS Delhi से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की तापमान नियंत्रित करने की क्षमता कम हो जाती है, जबकि छोटे बच्चों का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता। ऐसे में डिहाइड्रेशन, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बीपी, डायबिटीज या हृदय रोग से पीड़ित लोग विशेष सावधानी बरतें।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है, भले ही प्यास न लगे। इसके साथ ही नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।

खानपान को लेकर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। तली-भुनी चीजों से बचते हुए तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों का सेवन करना चाहिए। घर में उचित वेंटिलेशन और ठंडा वातावरण बनाए रखना भी जरूरी है। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है, उन्हें अपनी दवाइयों और स्वास्थ्य पर नियमित निगरानी रखने की जरूरत है।

नवजात और छोटे बच्चों के लिए भी विशेष सावधानी जरूरी बताई गई है। उन्हें सीधे धूप से बचाएं, हल्के कपड़े पहनाएं और बार-बार स्तनपान कराएं। स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी की बोतल देना और दोपहर के समय बाहर खेलने से रोकना जरूरी है। साथ ही उन्हें दही, छाछ और मौसमी फल खिलाने की सलाह दी गई है।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर किसी व्यक्ति को चक्कर आना, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, सुस्ती या शरीर का तापमान बढ़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

विशेषज्ञों के मुताबिक, हीट एक्सॉशन गर्मी से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है, जो तब होती है जब शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र लंबे समय तक गर्म वातावरण और अत्यधिक पसीने के कारण प्रभावित हो जाता है। शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर ब्लड वॉल्यूम घटता है और दिमाग सहित अन्य अंगों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता, जिससे कमजोरी, चक्कर और ब्लड प्रेशर गिरने जैसी समस्या होती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति हीट स्ट्रोक में बदल सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।

ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव जैसे सरल उपाय अपनाकर इस भीषण गर्मी के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।

 

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