उत्तर प्रदेश : लखीमपुर खीरी में 1311 करोड़ की 538 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे सीएम योगी

Lucknow/Lakhimpur khiri : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर रहेंगे, जहां वह पलिया व मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करने के साथ सात विधानसभा क्षेत्रों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास की सौगात देंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न लाभार्थी परिवारों को भूमि आवंटन पत्र, आवास की चाबी और चेक भी सौंपेंगे।
मुख्यमंत्री यहां कुल 1311 करोड़ रुपये की 538 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इनमें 356 करोड़ रुपये की 345 परियोजनाओं का लोकार्पण और 955 करोड़ रुपये की 193 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं का लाभ जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों लखीमपुर, गोला, श्रीनगर, पलिया, निघासन, मोहम्मदी और धौरहरा के लोगों को मिलेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत चंदन चौकी (पलिया) से होगी, जहां मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करने के साथ ही थारू जनजाति के परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार पत्र तथा लाभार्थियों को डेमो चेक प्रदान करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को आवास की चाबी का वितरण और निर्माण कार्यों का लोकार्पण/शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरान बच्चों द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत ‘ओडीओपी’ योजना के तहत निर्मित हैट पहनाकर किया जाएगा।
इसके बाद मुख्यमंत्री मियांपुर (मोहम्मदी) में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे, जहां वह विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र प्रदान कर एक ऐतिहासिक पहल करेंगे। यहां विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए जाएंगे और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबी सौंपी जाएगी। साथ ही सीएम योगी कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे।
थारू जनजाति के परिवारों को मिलेगा पूर्ण स्वामित्व अधिकार
थारू जनजाति के परिवारों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए योगी सरकार ने उन्हें पूर्ण स्वामित्व के साथ भूमि अधिकार देने का निर्णय किया है। इसके तहत तहसील पलिया में थारू जनजाति के 34 गांवों के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि पर भौमिक अधिकार प्रदान किए हैं। वर्ष 1976 में इन परिवारों को भूमि उपयोग का अधिकार मिला था, लेकिन अब योगी सरकार उन्हें पूर्ण स्वामित्व अधिकार देने जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान भी मिलेगा।
उपनिवेश योजना के तहत 2350 परिवारों को मिला अधिकार
इसी तरह, उपनिवेश योजना के तहत नदी कटान से प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए 12 उपनिवेश (कालोनियों) में बसे 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया। इनमें अनुसूचित जाति के 1077 और पिछड़े वर्ग के 874 परिवार शामिल हैं। वर्षों से इन परिवारों के पास भूमि उपयोग का अधिकार तो था, लेकिन स्वामित्व नहीं था। अब इसी भूमि पर उन्हें मालिकाना अधिकार प्रदान किया जा रहा है। यह निर्णय उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा लेकर आएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर देगा।
पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास
इसी प्रकार पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास भी लखीमपुर खीरी में किया गया है। इन परिवारों को जिले की विभिन्न तहसीलों धौरहरा, मोहम्मदी और गोला में बसाया गया था, जहां उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कृषि योग्य भूमि भी उपलब्ध कराई गई है। मियांपुर में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ भूमि दी गई है, जबकि अन्य गांवों में भी परिवारों को औसतन 3 से 7 एकड़ तक जमीन आवंटित की गई है।
बुनियादी सुविधाएं इन गांवों तक पहुंचाई
योगी सरकार द्वारा इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पेंशन योजनाएं और सुकन्या समृद्धि योजना समेत कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क और रोजगार से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं भी इन गांवों तक पहुंचाई गई हैं।
हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना योगी सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास, पुनर्वास और सामाजिक न्याय के समेकित मॉडल को जमीन पर उतारने का प्रयास है। भूमि स्वामित्व अधिकार, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से योगी सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना योगी सरकार की प्राथमिकता है।




