Yamuna City Development: नए सेक्टरों में तेज होगा विकास, 2000 करोड़ रुपये खर्च करेगी यीडा

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Yamuna City Development: नए सेक्टरों में तेज होगा विकास, 2000 करोड़ रुपये खर्च करेगी यीडा

यमुना सिटी में विकास कार्यों को रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इस योजना का विस्तृत खाका तैयार कर लिया गया है और जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यमुना सिटी में तेजी से नए सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें सेक्टर 4, 5, 5ए, 8ए, 8डी, 8एफ और 11 समेत कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इन सेक्टरों में सीवर, ड्रेनेज, जलापूर्ति और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि यहां बसने वाले लोगों और उद्योगों को किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

इस वर्ष यमुना सिटी में कई बड़ी परियोजनाएं भी जमीन पर उतरने वाली हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी और फिनटेक सिटी जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा 23 से अधिक देशी और विदेशी कंपनियों को भूमि आवंटित करने की तैयारी है, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इन सभी परियोजनाओं का केंद्र नए विकसित हो रहे सेक्टर ही होंगे, इसलिए इन क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किया गया यह बजट भूमि खरीद के बाद विकास कार्यों के लिए दूसरा सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। जैसे ही सेक्टरों में बुनियादी सुविधाएं विकसित हो जाएंगी, कंपनियां अपने निर्माण कार्य शुरू कर सकेंगी। इसके साथ ही प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाली परियोजनाओं को भी गति मिलेगी, जिससे पूरे क्षेत्र का तेजी से विकास संभव हो सकेगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मद्देनजर प्राधिकरण अपने विकास कार्यों को इस तरह से आगे बढ़ा रहा है कि भविष्य में किसी भी परियोजना में बाधा न आए और सभी निर्माण समय पर पूरे हो सकें। इस वित्तीय वर्ष का मुख्य फोकस औद्योगिक विकास के साथ-साथ शहरी बसावट को तेजी देना है।

यमुना विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2041 के तहत कुल 46 नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इन सेक्टरों के लिए सर्विस मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें सीवर, ड्रेनेज और जलापूर्ति की दीर्घकालिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इन योजनाओं को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि अगले 100 वर्षों तक किसी प्रकार की समस्या न हो।

मौजूदा स्थिति के अनुसार, मास्टर प्लान 2031 के तहत 52 सेक्टर पहले ही विकसित किए जा चुके हैं, जबकि मास्टर प्लान 2041 में कुल सेक्टरों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है। इनमें 46 नए सेक्टर शामिल हैं, जहां भूमि आवंटन की प्रक्रिया जारी है।

इन नए सेक्टरों में टोपोग्राफिकल सर्वे का काम भी तेजी से चल रहा है। इस सर्वे के जरिए जमीन की स्थिति, सड़कों, नालियों, जल स्रोतों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी, ताकि योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।

इस संबंध में यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में 2000 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे, जिनमें सेक्टरों के आंतरिक विकास से जुड़े सभी जरूरी काम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि योजना पूरी तरह तैयार है और जल्द ही इन परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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