Noida: Noida Child PGI में कैंसर मरीजों के लिए ‘होम अवे फ्रॉम होम’, मुफ्त रहने-खाने समेत लग्जरी सुविधाएं शुरू

Noida: Noida Child PGI में कैंसर मरीजों के लिए ‘होम अवे फ्रॉम होम’, मुफ्त रहने-खाने समेत लग्जरी सुविधाएं शुरू
नोएडा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से इलाज के लिए आने वाले कैंसर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) मरीजों के लिए नोएडा के चाइल्ड PGI में अब बड़ी राहत की व्यवस्था की गई है। अस्पताल प्रबंधन ने मुंबई की सामाजिक संस्था Access Life के साथ मिलकर सेक्टर-31 में तीन मंजिला “होम अवे फ्रॉम होम” सुविधा की शुरुआत की है, जहां मरीजों को मुफ्त में रहने, खाने और आराम करने की सुविधाएं मिलेंगी।
इस आधुनिक सुविधा को खास तौर पर 14 बच्चों और उनके परिजनों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां बच्चों के माता-पिता भी उनके साथ रह सकेंगे, जिससे इलाज के दौरान परिवार को भावनात्मक सहारा मिलेगा। इस परिसर में किचन, प्ले जोन, साइकिलिंग ट्रैक, खिलौने, पढ़ाई के लिए स्टडी रूम और मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
चाइल्ड PGI की हेमेटोलॉजी और ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख Dr. Neeta Radhakrishnan ने बताया कि वर्ष 2025 में यहां 240 बच्चों का इलाज किया गया, जिनमें से 35 प्रतिशत मरीज उत्तर प्रदेश के बाहर से आए थे। उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत मरीज 100 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके इलाज के लिए आते हैं, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक और मानसिक दबाव काफी बढ़ जाता है।
कैंसर और BMT का इलाज लंबा और महंगा होता है, जिसके चलते कई परिवारों को नोएडा जैसे शहर में किराए पर रहने के लिए हर महीने 40,000 रुपये से अधिक खर्च करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने के बाद इन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि यहां रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था मुफ्त में उपलब्ध होगी।
यह आवासीय सुविधा अस्पताल से करीब 800 मीटर की दूरी पर स्थित है और इसमें मरीजों व उनके परिवारों के लिए मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सहायता सेवाएं भी दी जाएंगी। एक प्रशिक्षित शिक्षक, काउंसलर और सेंटर कोऑर्डिनेटर की टीम बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखेगी।
इस सुविधा का उद्घाटन चाइल्ड PGI के निदेशक Dr. Arun Kumar Singh और एक्सेस लाइफ के प्रतिनिधियों गिरीश नायर और अंकित दवे द्वारा किया गया। उद्घाटन के बाद प्रतापगढ़ के आठ वर्षीय नैतिक इस सुविधा में रहने वाले पहले मरीज बने, जिनका बोन मैरो ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर में 34 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और मुंबई स्थित मुख्यालय से इनकी निगरानी की जाएगी। साथ ही मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सुरक्षित रखा जाएगा।
चाइल्ड PGI की जनरल मैनेजर कविता शेट्टी ने बताया कि मरीजों और उनके अभिभावकों को समय-समय पर काउंसलिंग दी जाएगी। इसके अलावा अस्पताल आने-जाने के लिए ड्राइवर सहित वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मरीजों को संक्रमण से बचाया जा सके।
पिछले कुछ वर्षों में चाइल्ड PGI में बच्चों के कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है। 2025 में 240 मरीजों का इलाज किया गया, जबकि 2024 में 190, 2023 में 200 और 2022 में 140 बच्चों का उपचार हुआ था। यह आंकड़े बताते हैं कि इस तरह की सुविधाओं की जरूरत लगातार बढ़ रही है और नई पहल मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।





