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Noida Driving Training Center: समय पर नहीं बना तो रद्द होगी अनुमति, लोगों को झेलनी पड़ेगी परेशानी

Noida Driving Training Center: समय पर नहीं बना तो रद्द होगी अनुमति, लोगों को झेलनी पड़ेगी परेशानी

Noida के सेक्टर-167 में बन रहा ड्राइविंग प्रशिक्षण और परीक्षण केंद्र अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जिसे लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग की ओर से पहले ही इस परियोजना को पूरा करने के लिए करीब एक साल का अतिरिक्त समय दिया जा चुका है, लेकिन यदि इस अवधि में भी केंद्र का निर्माण पूरा नहीं हुआ तो इसकी अनुमति रद्द की जा सकती है। ऐसी स्थिति में विभाग को दोबारा आवेदन प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी, जिससे स्थानीय लोगों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

दरअसल, नोएडा शहर में अभी तक एक भी आधिकारिक ड्राइविंग प्रशिक्षण और परीक्षण केंद्र संचालित नहीं हो रहा है। इसके चलते यहां के लोगों को स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस की परीक्षा देने के लिए दूर स्थित Dadri जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च होता है, जिससे लंबे समय से स्थानीय स्तर पर केंद्र खोलने की मांग उठ रही है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-167 में बन रहा यह केंद्र काफी पहले शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। केंद्र का संचालन संभालने वाली एजेंसी ने समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए मुख्यालय ने एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया। अब यह अवधि शुरू हो चुकी है और विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा के भीतर काम पूरा न होने पर अनुमति निरस्त कर दी जाएगी।

इसी के साथ Greater Noida West में भी एक नया ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र प्रस्तावित है, लेकिन वहां भी अभी तक कोई ठोस प्रगति देखने को नहीं मिली है। यदि यह केंद्र भी शुरू हो जाता है, तो आसपास के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

गौरतलब है कि एक अगस्त 2024 से प्रदेश सरकार ने निजी संस्थानों को ड्राइविंग प्रशिक्षण और स्थायी लाइसेंस की परीक्षा कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके तहत दादरी में पहले से दो केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां आधुनिक स्वचालित ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है।

परिवहन विभाग के अनुसार, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस छह महीने तक वैध रहता है और इसके बाद स्थायी लाइसेंस के लिए परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है। हालांकि, लर्निंग लाइसेंस बनने के एक महीने बाद ही व्यक्ति स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है।

ऐसे में अगर नोएडा में यह केंद्र समय पर शुरू नहीं होता, तो शायद लोगों को आने वाले समय में भी दूर-दराज के केंद्रों का रुख करना पड़ेगा, जिससे उनकी दिक्कतें कम होने के बजाय और बढ़ सकती हैं।

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