Noida Police Negligence: जांच में लापरवाही पर थाना प्रभारी और महिला दरोगा निलंबित
नोएडा के फेज-3 थाना क्षेत्र में सामने आए एक गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद पुलिस कमिश्नर ने सख्त कार्रवाई की है। युवती को कथित रूप से प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म और ठगी के मामले में उचित धाराएं न लगाने पर थाना प्रभारी और महिला दरोगा को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, एक युवती ने आरोप लगाया था कि एक युवक ने अपनी पहचान और धर्म छिपाकर उससे दोस्ती की और शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने युवती का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर कई बार दुष्कर्म किया। साथ ही, आरोपी ने पीड़िता से लाखों रुपये भी ऐंठ लिए।
जब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे, तो पुलिस कमिश्नर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने फेज-3 थाना प्रभारी पुनीत कुमार और मामले की जांच कर रही उपनिरीक्षक प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि एफआईआर दर्ज करते समय कुछ महत्वपूर्ण कानूनी धाराओं को शामिल नहीं किया गया था। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं न लगाने को गंभीर लापरवाही माना गया है।
इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी से स्पष्टीकरण भी मांगा है। साथ ही, एसीपी सेंट्रल नोएडा उमेश यादव को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा, मामले की विस्तृत जांच एडीसीपी नोएडा को सौंप दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशील मामलों में सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करती है। फिलहाल प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

