Dates price hike India: युद्ध के बीच खजूर महंगा, बासमती चावल का निर्यात ठप, बाजार पर असर

Dates price hike India: युद्ध के बीच खजूर महंगा, बासमती चावल का निर्यात ठप, बाजार पर असर
नोएडा। अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक संकट का असर अब स्थानीय बाजार और निर्यात पर भी दिखने लगा है। माह-ए-रमजान में सबसे ज्यादा बिकने वाले खजूर की कीमतें खाड़ी देशों से आयात में बाधा के कारण बढ़ गई हैं। वहीं, नोएडा से निर्यात होने वाले बासमती चावल के ऑर्डर भी ठप हैं और कारोबारियों में चिंता बढ़ी है।
सेक्टर-45 की अलकश्वा कंपनी के मालिक इफ्तखार आबिदी ने बताया कि शहर में खजूर मुख्य रूप से ईरान, जॉर्डन, सऊदी अरब और यूएई से आता है। युद्ध के कारण समुद्री व्यापार ठप है और हाल ही में ऑयल टैंकर में आगजनी के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सप्लाई चेन बाधित होने और अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते खजूर आयात में दिक्कतें आ रही हैं। अजवा, मेडजूल और सफावी किस्म के खजूर की उपलब्धता सीमित देशों तक ही है।
सेक्टर-18 और आसपास के थोक व्यापारियों ने बताया कि बीते साल की तुलना में खजूर की कीमत 10 से 20 प्रतिशत बढ़ गई है। पहले यह 150 से 1,000 रुपये प्रति किलो बिकते थे, अब 200 से 1,500 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।
बासमती चावल का निर्यात भी प्रभावित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नोएडा से साल 2024-25 में 626 करोड़ रुपये का बासमती चावल निर्यात हुआ था। सितंबर 2025 से ईरान में पैदा हुए संकट के कारण निर्यात पर असर पड़ा और हाल ही में वैश्विक उथल-पुथल के बीच निर्यात फिर थम सा गया है। निर्यातकों का कहना है कि जब तक मध्य एशिया में हालात स्थिर नहीं होंगे, तब तक निर्यात प्रभावित रहेगा।
राष्ट्रीय उद्योग संगठन आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने कहा, “इस वक्त समुद्री मार्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है और इसका सीधा असर निर्यात पर पड़ रहा है।”
नोएडा अपैरल क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने बताया कि युद्ध का असर कपड़ा, कच्चे तेल, सोना-चांदी के दामों पर भी पड़ सकता है और निर्यात प्रभावित होगा। यूपी उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन डॉ. पीयूष द्विवेदी ने कहा कि सिर्फ निर्यात ही नहीं, घरेलू बाजार में भी कई सामान महंगे हो सकते हैं।
इफ्तखार आबिदी ने कहा कि “ईरान समेत अन्य खाड़ी देशों से खजूर का आयात युद्ध के बीच बाधित हुआ है, जिससे खजूर महंगा हो रहा है।”





