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Delhi Fire: दिल्ली के सीलमपुर की इमारतों में भीषण आग, 20 घंटे बाद पाया गया काबू

Delhi Fire: दिल्ली के सीलमपुर की इमारतों में भीषण आग, 20 घंटे बाद पाया गया काबू

रिपोर्ट: रवि डालमिया

पूर्वी दिल्ली के ओल्ड सीलमपुर इलाके में लगी भीषण आग ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। आग इतनी विकराल थी कि इसे पूरी तरह नियंत्रित करने में करीब 20 घंटे का समय लग गया। घटना ओल्ड सीलमपुर में कृष्णा नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जहां दुकानों, छोटे कारखानों और कई बहुमंजिला इमारतों में अचानक आग भड़क उठी।

दमकल विभाग को शुरुआती सूचना दुकानों के अंदर आग लगने की मिली थी, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। बताया गया कि करीब 1,000 वर्ग गज में फैले इस भूखंड पर 15 से 20 इमारतें स्थित हैं, जहां रेडीमेड कपड़ों का कारोबार चलता है। निचली मंजिलों पर दुकानें और गोदाम थे, जबकि ऊपरी मंजिलों पर सिलाई और तैयार माल का काम किया जाता था।

आग तेजी से एक इमारत से दूसरी इमारत तक फैल गई। कपड़े और ज्वलनशील सामान अधिक मात्रा में होने के कारण लपटें तेजी से भड़क उठीं। आग बुझाने के लिए 50 से अधिक दमकल गाड़ियों को लगाया गया। दमकलकर्मियों ने लगातार कई घंटों तक कड़ी मशक्कत की, तब जाकर आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

दमकल अधिकारी रविंद्र सिंह के अनुसार, शुरुआत में आग की तीव्रता का सही अनुमान नहीं लग पाया था। जैसे-जैसे आग अंदरूनी हिस्सों और पीछे की ओर बढ़ी, स्थिति और गंभीर होती गई। दमकल विभाग की टीमों ने अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर आग को फैलने से रोकने की रणनीति अपनाई।

इस हादसे में दुकानों, कारखानों और कई दोपहिया वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। पूरा 1,000 वर्ग गज का क्षेत्र जलकर खाक हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने समय रहते इलाके को खाली कर दिया था।

घटना की सूचना मिलते ही Krishna Nagar Police Station की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली। भीड़ को नियंत्रित किया गया ताकि दमकल कर्मियों को राहत और बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न हो।

प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि फॉरेंसिक टीम और संबंधित विभाग आग के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है और प्रशासन से मुआवजे की मांग की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा मानकों की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।

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