उत्तर प्रदेश : अहिल्याबाई प्रतिमा विवाद ने मथुरा में पकड़ा तूल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प

Mathura News : वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और ऐतिहासिक धरोहर को कथित रूप से नुकसान पहुंचाए जाने का मामला अब मथुरा की सड़कों पर उग्र रूप ले चुका है। शनिवार को इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष सहित कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
डैंपियर नगर क्षेत्र उस समय हाई वोल्टेज ड्रामे का केंद्र बन गया जब कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अहिल्याबाई पार्क में एकत्र हुए। यहां से कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए दिल्ली स्थित मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए कूच करने लगे। पहले से सतर्क मथुरा पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक लिया। आगे बढ़ने की कोशिश करने पर पुलिस और कांग्रेसियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। काफी देर तक चले हंगामे के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को पिछड़े वर्ग के अपमान से जोड़ते हुए योगी सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि विकास के नाम पर जानबूझकर राजमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर बुलडोजर चलवाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि अहिल्याबाई होलकर पाल गड़रिया समाज की गौरव थीं और उनकी विरासत को नुकसान पहुंचाना पिछड़े समाज के स्वाभिमान पर सीधा प्रहार है। पार्टी का दावा है कि इस घटना से प्रदेश भर के पाल समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला अध्यक्ष मुकेश धनगर ने कहा कि राहुल गांधी के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने दमनकारी रवैया अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार विपक्ष की एकजुटता से घबरा गई है और इसी बौखलाहट में झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं।
वाराणसी की इस घटना का असर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में साफ दिखाई देने लगा है। जहां एक ओर भाजपा विकास कार्यों का हवाला दे रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे को महापुरुषों के सम्मान और पिछड़े वर्ग के स्वाभिमान से जोड़कर सियासी धार देने में जुट गई है।




