International Film City Noida: अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना के खर्च का होगा ऑडिट, निर्माण गुणवत्ता की भी होगी सख्त जांच

International Film City Noida: अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना के खर्च का होगा ऑडिट, निर्माण गुणवत्ता की भी होगी सख्त जांच
नोएडा में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना को लेकर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक अहम कदम उठाया है। फिल्म सिटी के निर्माण कार्य और उसकी गुणवत्ता की जांच के लिए अब एक स्वतंत्र इंजीनियर कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही परियोजना पर होने वाले खर्च का विस्तृत ऑडिट कराने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और तय मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में करीब 230 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी का पहला चरण विकसित किया जाना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रसिद्ध फिल्म निर्माता बोनी कपूर और भूटानी समूह ने मिलकर बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक विशेष प्रयोजन इकाई यानी एसपीवी का गठन किया है। इस कंपनी को तीन वर्षों की अवधि में फिल्म सिटी का निर्माण कार्य पूरा करना है।
प्राधिकरण की ओर से पहले चरण के निर्माण के लिए कंपनी द्वारा प्रस्तुत मानचित्र को पहले ही स्वीकृति दी जा चुकी है। पहले चरण के अंतर्गत फिल्म निर्माण से जुड़े अत्याधुनिक स्टूडियो, प्रशिक्षण संस्थान, तकनीकी सुविधाएं और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में यह क्षेत्र फिल्म और मनोरंजन उद्योग का बड़ा केंद्र बन सके।
यमुना प्राधिकरण के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर आधारित है और ऐसे में प्राधिकरण की जिम्मेदारी है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की नियमित निगरानी की जाए। इसी प्रक्रिया के तहत एक इंजीनियरिंग एजेंसी के चयन के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं, जो निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता की जांच करेगी।
इसके अलावा परियोजना में खर्च होने वाली राशि का ऑडिट कराने के लिए पांच चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों का एक पैनल बनाया जाएगा। ये फर्में समय-समय पर फिल्म सिटी के निर्माण पर हुए खर्च का ऑडिट कर अपनी रिपोर्ट यमुना प्राधिकरण को सौंपेंगी। परियोजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। विकासकर्ता कंपनी को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए जनवरी के अंत तक का समय दिया गया है।





