Himachal Housing Scheme: 27,715 अतिनिर्धन परिवारों को सरकार उपलब्ध करवायेगी पक्का मकान: मुख्यमंत्री

Himachal Housing Scheme: 27,715 अतिनिर्धन परिवारों को सरकार उपलब्ध करवायेगी पक्का मकान: मुख्यमंत्री

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां पंचायती राज विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के उन सभी पात्र गरीब और अतिनिर्धन परिवारों को पक्के मकान की सुविधा उपलब्ध करवाएगी, जो वर्षों से कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित आवास केवल एक बुनियादी आवश्यकता नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए ठोस, पारदर्शी और चरणबद्ध कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि अतिनिर्धन परिवारों यानी ‘पूअरेस्ट ऑफ द पूअर’ के चयन के लिए किए गए सर्वेक्षण के प्रथम चरण में 27,715 परिवारों को शामिल किया गया है। ये ऐसे परिवार हैं जो पिछले बीस वर्षों से आईआरडीपी में पंजीकृत थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक पक्का मकान नहीं मिल पाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण के सर्वेक्षण में वार्षिक आय सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित की गई थी और जिनके पास पहले से पक्का मकान था, उन्हें इसमें शामिल नहीं किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि सर्वेक्षण के द्वितीय चरण में उन परिवारों को भी शामिल किया गया, जिनके पास पक्का मकान तो है, लेकिन वे अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस चरण में 35,355 अतिरिक्त परिवारों को अतिनिर्धन श्रेणी में जोड़ा गया है, जिसके बाद ऐसे परिवारों की कुल संख्या 63,070 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे चरण में अनाथ, दिव्यांग और विधवा परिवारों को भी निर्धन श्रेणी में शामिल किया जाएगा, जिससे इस सूची का और विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण चौथे और पांचवें चरण में भी जारी रहेगा ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रह जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया के हर चरण में मापदंडों का उदारीकरण किया जा रहा है और जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए शर्तों में छूट दी जा रही है। उन्होंने दोहराया कि कोई भी पात्र परिवार आईआरडीपी से बाहर नहीं रहेगा और सरकार की मंशा है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पंचायती राज विभाग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा तथा पंचायतों में कनिष्ठ अभियंताओं के पद भी शीघ्र भरे जाएंगे ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार सामाजिक अधिकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और वंचित, उपेक्षित तथा कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल मकान निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक जीवन स्तर उपलब्ध करवाना है, जिसके लिए मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और आजीविका के अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही व्यवस्था परिवर्तन की मूल भावना है। बैठक में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार नवीनीकरण डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव पंचायती राज सी पालरासु, निदेशक पंचायती राज राघव शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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