Mathura : मथुरा में विजयादशमी के अवसर पर चित्रगुप्त पीठ आश्रम में परंपरागत शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। इस बार का पूजन पिछले वर्षों से अलग रहा। आश्रम में पारंपरिक शस्त्रों के साथ हथौड़े, छैनी, सबल, घन और फावड़ों का भी पूजन किया गया।
चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि हर साल विजयादशमी पर शस्त्र पूजन किया जाता है लेकिन इस बार इसके पीछे एक विशेष संकल्प है। उन्होंने कहा कि समर्थकों और श्रद्धालुओं ने आगामी 6 दिसंबर को लेकर संकल्प लिया है। उनका कहना है कि औरंगजेब के काल में भगवान श्रीकृष्ण मंदिर के समीप बनाए गए ढांचे को हटाने का संकल्प लिया गया है।
स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि इसी योजना को देखते हुए शस्त्र पूजन में हथौड़े और फावड़ों को शामिल किया गया है। उनके अनुसार ढांचे को गिराने के लिए बड़े घन, हथौड़े और सबल का उपयोग किया जाएगा और उसके बाद निकले मलबे को हटाने के लिए फावड़ों का पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि कारसेवक मलबे को हटाकर उचित स्थान तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। इस आयोजन के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


