Himachal EV Policy: प्रदेश सरकार 1000 पेट्रोल ईंधन आधारित टैक्सियों को ई-वाहनों से बदलेगी, प्रदान की जाएगी 40 प्रतिशत सब्सिडी

Himachal EV Policy: प्रदेश सरकार 1000 पेट्रोल ईंधन आधारित टैक्सियों को ई-वाहनों से बदलेगी, प्रदान की जाएगी 40 प्रतिशत सब्सिडी

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां परिवहन, श्रम एवं रोज़गार विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पेट्रोल ईंधन आधारित टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ युवाओं को स्वरोज़गार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और इसी दिशा में यह अहम निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रथम चरण में राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत प्रदेश की 1000 पैट्रो ईंधन चालित टैक्सियों को ई-टैक्सियों से बदला जाएगा, जिसके लिए टैक्सी मालिकों को 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि इस योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को अतिशीघ्र पूरा किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बदली गई पुरानी पैट्रो ईंधन टैक्सियों की स्क्रैपिंग केवल पंजीकृत केंद्रों में ही की जाएगी, जिससे पर्यावरणीय मानकों का भी पालन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निजी बस संचालन को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 390 रूटों पर परमिट आवंटित करेगी और इसके लिए 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। इससे न केवल दूर-दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के प्रथम चरण में ई-टैक्सी खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के तहत पात्र युवाओं को 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है और उनके ई-वाहनों को सरकारी विभागों से जोड़ने की गारंटी भी दी जाती है, जिससे उन्हें स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश में हरित परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बेरोज़गारी की समस्या के समाधान की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार नवीनीकरण डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, सचिव प्रियंका बासु इंगटी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, श्रम आयुक्त डॉ. वीरेन्द्र शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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