उत्तर प्रदेश : वात्सल्य दिवस, पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा का जन्मोत्सव

Mathura News : मथुरा-पूज्या दीदी माँ साध्वी ऋतम्भरा का जन्मोत्सव वात्सल्य ग्राम में ‘वात्सल्य दिवस’ के रूप में पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। संविद गुरुकुलम् गल्र्स सैनिक स्कूल के सभागार में आयोजित इस समारोह में देश भर से पधारे उनके शिष्यगणों एवं परमशक्ति पीठ के सहयोगियों ने अपने श्रद्धासुमन उनके श्रीचरणों में समर्पित करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएँ प्रकट कीं।
महोत्सव का शुभारंभ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सरस्वती वन्दना के पश्चात सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। वैशिष्ट्यम एवं बी टी टी ए की छात्राओं ने महाभारत की संक्षिप्त नृत्य नाटिका के माध्यम से द्रौपदी की विवशता, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उनके लाज बचाने एवं फिर दुःशासन वध के बाद स्त्री सशक्तिकरण का संदेश दिया।
कृष्णा ब्रह्मरतन विद्या मन्दिर की छात्राओं ने भगवान शिव पर आधारित नृत्य नाटिका से वातावरण को भावविभोर कर दिया। ऑस्ट्रेलिया निवासी साहित्यकार श्रीमती सोमा नायर ने अपनी कविता के माध्यम से दीदी माँ जी का यशोगान करते हुए भारत की स्त्री शक्ति के विभिन्न रूपों को प्रस्तुत किया।
पाकिस्तान पीड़ित हिन्दू समाज को भारत में बसाने के लिए महत्वपूर्ण कर रहे जयपुर के ख्यात चिकित्सक डाॅ.ओमेन्द्र रत्नू ने माँ के विभिन्न भूमिकाओं के प्रति अपनी अत्यन्त ही मनोहारी “मेरे मनोभाव” वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से पूज्या दीदी माँ जी के चरणों में अपने श्रद्धासुमन समर्पित करते हुए उन्हें जन्मोत्सव की बधाई प्रदान की।
साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि -‘हमने देखा कि लोग किसी की काया का वध कर देते हैं। लोग किसी के प्रति रुष्ट हो जाते हैं तो उसको कहते हैं कि दिल करता है थप्पड़ मार दें, दिल करता है गोली से भून दें। इतना क्षुद्र विचार भी आता है द्वेष की वजह से। एक बैर होता है कि वह शरीर ही खत्म करना चाहता है लेकिन एक और तल पर भी बैर या प्रेम होता है। वो मन के तल पर होता है।





