Friends Colony Jhilmil: दिल्ली की पहली इंडस्ट्री फ्रेंड्स कॉलोनी झिलमिल ने शताब्दी वर्ष मनाया, सरकार और उद्योग जगत एक मंच पर आए
रिपोर्ट: रवि डालमिया
दिल्ली की सर्वप्रथम औद्योगिक इकाई मानी जाने वाली फ्रेंड्स कॉलोनी झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया ने अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी वर्ष का भव्य आयोजन किया। वर्ष 1925 में स्थापित इस औद्योगिक क्षेत्र ने न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है। शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के वरिष्ठ मंत्री, उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि, उद्यमी और क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उद्योगों की भूमिका को देश और राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था का उद्देश्य केवल व्यापार खड़ा करना या मुनाफा कमाना नहीं होता, बल्कि मजबूत उद्योगों के माध्यम से रोजगार सृजन और सामाजिक विकास करना भी उतना ही जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के बिना किसी भी राज्य की आर्थिक नींव मजबूत नहीं हो सकती और इसी सोच के चलते उन्होंने इस शताब्दी समारोह में शामिल होना स्वीकार किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने संबोधन में फ्रेंड्स कॉलोनी झिलमिल इंडस्ट्रियल एरिया के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में इस क्षेत्र में लगभग 80 फैक्ट्रियां थीं, जबकि आज यहां 2000 से अधिक फैक्ट्रियां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि फ्रेंड्स कॉलोनी झिलमिल ने समय के साथ खुद को निरंतर विकसित किया है और दिल्ली के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
फ्रेंड्स कॉलोनी इंडस्ट्रियल एरिया के प्रधान हरीश गर्ग ने मंच से सभी अतिथियों का स्वागत किया और दिल्ली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को तेज किए जाने से उद्योगों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम जैसी नीतियों ने कारोबार को सरल बनाया है और उद्योगों को तेजी से आगे बढ़ने का अवसर दिया है।


