MLC Election: सपा ने एमएलसी चुनाव में फर्जी वोट बनवाने का लगाया आरोप, जांच की मांग

MLC Election: सपा ने एमएलसी चुनाव में फर्जी वोट बनवाने का लगाया आरोप, जांच की मांग

नोएडा। मेरठ खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की कोशिश की जा रही है, जिनके फॉर्म कथित तौर पर भाजपा प्रत्याशी और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं भरकर जमा किए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में सपा नेताओं ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी शिकायती पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई। सपा नेताओं ने मतदाता सूची में कथित रूप से गलत तरीके से नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जांच और आपत्तिजनक प्रविष्टियों को हटाने की मांग की।

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी ने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रत्याशी और कार्यकर्ता सरकारी मशीनरी का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए बड़ी संख्या में वोट बनवाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि शैक्षणिक संस्थानों से डेटा लेकर और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म जमा किए जा रहे हैं।

प्रदीप भाटी ने निर्वाचन नियमों का हवाला देते हुए इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में फर्जी तरीके से मतदाता बनाए जाने की पुष्टि होती है तो ऐसे नामों को मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

फर्जी वोट हटाने की मांग

सपा नेताओं ने आरोपों की जांच के बाद कथित तौर पर फर्जी तरीके से जोड़े गए नामों को मतदाता सूची से हटाने की मांग की। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिनकी भूमिका जांच में सामने आती है।

सपा जिलाध्यक्ष इन्दर प्रधान ने आरोप लगाया कि मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में भाजपा के मौजूदा एमएलसी से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर बड़ी संख्या में वोट बनवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में निर्धारित नियमों के अनुसार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

सपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर बड़ी संख्या में फॉर्म जमा करने से संबंधित पोस्ट किए जाने का भी दावा किया। उनका कहना है कि इन पोस्ट और जमा किए गए फॉर्म की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आवेदन वास्तविक मतदाताओं द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए गए हैं या नहीं।

भारत निर्वाचन आयोग के दस्तावेजों के अनुसार विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में Form-18 का इस्तेमाल किया जाता है। आयोग के दस्तावेजों में Registration of Electors Rules, 1960 के Rule 31 के तहत इस प्रक्रिया का उल्लेख है।

मेरठ जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर मेरठ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मतदाता सूची तथा संशोधन संबंधी जानकारी उपलब्ध है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 2026 में भी इन निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में जोड़, संशोधन और विलोपन की प्रक्रिया से संबंधित विवरण प्रकाशित किए गए हैं।

हालांकि, सपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि इस समय किसी स्वतंत्र जांच या निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट से नहीं हुई है। इसलिए मतदाता सूची में कथित फर्जी नाम जोड़ने और किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी की भूमिका से जुड़े आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। पूरे मामले में निर्वाचन अधिकारियों की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

इस अवसर पर सपा प्रतिनिधिमंडल में रोहित मत्ते गुर्जर, अमित रौनी, अनूप तिवारी, हरीश खारी, वीरपाल नागर, आकाश राणा, दिगंबर गौतम, केके भाटी और वकील सिद्दीकी सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

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