उत्तर प्रदेश, नोएडा: डीएफसीसी कॉरिडोर से अर्थव्यवस्था को मिली नई गति : प्रवीण कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा: डीएफसीसी कॉरिडोर से अर्थव्यवस्था को मिली नई गति : प्रवीण कुमार
अजीत कुमार
उत्तर प्रदेश, नोएडा। अबूधाबी के ग्लोबल एडीएनईसी सेंटर में रेल क्षेत्र में नई सोच, स्मार्ट मोबिलिटी व हरित बुनियादी ढांचे को लेकर तीन दिवसीय सम्मेलन व प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। इसमें डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया ने भी स्मार्ट मोबिलिटी, हाई-स्पीड रेल की जानकारी दी। कहा कि भारत के विकास में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की भूमिका लगातार बढ़ रही है। सड़क की जगह माल को रेलवे से भेजा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी इसकी भूमिका अहम होगी।
डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने बताया कि सम्मेलन में स्मार्ट मोबिलिटी, हाई-स्पीड रेल, डिजिटल एकीकरण, हरित अवसंरचना, और वित्त पोषण रणनीतियों पर चर्चा की गई। ताकि परिवहन को अधिक टिकाऊ, कुशल, पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जा सके। डीएफसीसी की योजनाओं के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि डीएफसीसी ट्रैक पर यात्री रेल गाड़ियां नहीं चलेंगी। मालगाड़ियां बिना किसी रुकावट के समय से अपने स्थान पर पहुंच सकेंगी। ईस्टर्न व वेस्टर्न कॉरिडोर उत्पादों, आपूर्तिकर्ताओं और उपभोक्ताओं को एक साथ जोड़ता है। विश्व भर में वस्तुओं की डिलीवरी भी समय से हो रही है। कॉरिडोर से रेल नेटवर्क बढ़ गया है। साथ ही माल परिवहन की क्षमता भी बढ़ी है। ग्लोबल रेल-2025 केवल विचार-विमार्श का मंच नहीं है बल्कि सहयोग और साझेदारी का भी बेहतर अवसर है। काॅरिडोर स्थानीय के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापार में अहम भूमिका निभा रहा है। सम्मेलन में राइट्स व इरकॉन के पदाधिकारी भी शामिल हुए।





