Noida Theft Case: ट्रेडिंग में लाभ नहीं मिला तो रची चोरी की साजिश, छह गिरफ्तार, 1.48 करोड़ रुपये कैश बरामद
नोएडा। सेक्टर-25 स्थित एक गैराज के लॉकर में रखी करीब 1.60 करोड़ रुपये की रकम पर नजर पड़ने के बाद छह लोगों ने चोरी की साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी खुद ट्रेडिंग से जुड़ा हुआ था और उसे अपने निवेश पर अपेक्षित रिटर्न नहीं मिल रहा था। आर्थिक परेशानी के बीच उसे गैराज के लॉकर में बड़ी रकम रखे होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने पांच अन्य लोगों को साथ लेकर रकम चोरी करने की योजना बनाई।
सेक्टर-20 थाना पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.48 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल ऑरा कार भी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई और संदिग्धों की पहचान के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
निवेश के लिए गैराज के लॉकर में रखे गए थे 1.60 करोड़
डीसीपी सादमिया खान के अनुसार, पीड़ित वासुदेव ने थाना सेक्टर-20 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उसने सीए फर्म चलाने वाले आशीष के माध्यम से निवेश करने के लिए करीब 1.60 करोड़ रुपये दिए थे। यह रकम आशीष के गैराज के लॉकर में रखी गई थी।
इसी फर्म से जुड़े अवनीश कुमार ने भी निवेश के लिए आशीष को 45 लाख रुपये दिए थे। काफी समय बीत जाने के बाद जब अवनीश को अपने निवेश पर अपेक्षित रिटर्न नहीं मिला तो वह परेशान हो गया। इसी दौरान उसे जानकारी मिली कि आशीष के सेक्टर-25 स्थित गैराज के लॉकर में बड़ी रकम रखी हुई है।
रकम के बारे में जानकारी मिलने के बाद अवनीश ने इसे चोरी करने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, उसने लॉकर में रखी रकम और उसकी स्थिति की जानकारी जुटाने के बाद अपने साथियों को योजना में शामिल किया।
पांच लोगों को साथ लेकर चोरी की वारदात
अवनीश ने पवन, जितेंद्र, सुमित, अनिल और अपने रिश्तेदार नीशू चौहान को अपने साथ लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर सेक्टर-25 स्थित आशीष के गैराज में रखे लॉकर से रकम चोरी कर ली।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद चोरी की रकम को नोएडा से बाहर ले जाकर अलीगढ़ में नीशू के पास रखवाया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और रकम के ठिकाने का पता लगाया। इसके बाद अलीगढ़ से 1.48 करोड़ रुपये नकद बरामद कर लिए गए।
500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
चोरी की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास और आरोपियों के संभावित रास्तों पर लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी दौरान पुलिस को दो संदिग्ध कारों की गतिविधियां दिखाई दीं।
जांच में दोनों वाहनों की नंबर प्लेट संदिग्ध और गलत पाई गईं। पुलिस ने वाहनों की आवाजाही के साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले रास्ते से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई रकम का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया।
मुख्य आरोपी ट्रेडिंग से जुड़ा, अन्य आरोपी अलग-अलग काम करते हैं
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवनीश कुमार उम्र 33 वर्ष, पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा उम्र 28 वर्ष, जितेंद्र कुमार उम्र 24 वर्ष, सुमित कुमार उम्र 22 वर्ष, अनिल कुमार उम्र 22 वर्ष और नीशू चौहान उम्र 29 वर्ष के रूप में हुई है।
मुख्य आरोपी अवनीश बीएससी पास है और टीपीएफ ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड में काम करता था। अन्य आरोपियों में कुछ ओला-उबर चालक, शराब की दुकान पर सेल्समैन, निजी कर्मचारी और खेती से जुड़े लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अवनीश को निवेश में अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के बाद बड़ी रकम चोरी करने का विचार आया था।
तीन आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से तीन के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार पवन के खिलाफ मथुरा में आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी और अन्य धाराओं के कई मुकदमे दर्ज हैं।
अनिल के खिलाफ हाथरस में एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वहीं जितेंद्र कुमार के खिलाफ बुलंदशहर के अरनिया थाने में एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज हैं।
सेक्टर-20 थाना पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने चोरी की रकम का बड़ा हिस्सा बरामद करने के साथ सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।


